एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि खेम लाल निवासी सपरून, सोलन ने बघाट बैंक सोलन से व्यापारिक उद्देश्य से ऋण लिया था। वह उक्त ऋण को तय सीमा के भीतर लौटाने में नाकाम रहा। इस पर उसे बैंक ने डिफॉल्टर घोषित कर दिया, जिसकी ब्याज सहित कुल देनदारी 2,10,65,893 रुपये बनती है। उक्त देनदारी न चुकाने पर खेम लाल के विरुद्ध सह सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सोलन कोर्ट में लोन रिकवरी का मामला में चल रहा है। खेम लाल को उक्त कोर्ट ने दो नोटिस किए थे, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इस पर सह सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां सोलन कोर्ट ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसकी अनुपालना करते हुए वीरवार को डिफाल्टर खेम लाल को पुलिस चौकी सपरून की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
499 ऋण डिफाल्टरों की वजह से आरबीआई ने लगाई है कैपिंग
बघाट अर्बन सहकारी बैंक सोलन के 499 ऋण डिफाल्टरों की वजह से आरबीआई ने बीते दिनों कैपिंग लगा दी थी। बैंक से 10 हजार रुपये से अधिक राशि की निकासी पर रोक लगा दी गई है। आरबीआई नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट (एनपीए) की रिकवरी को लेकर संतुष्ट नहीं है। अभी भी बैंक का 138 करोड़ रुपये एनपीए है। निकासी पर 6 महीने की रोक के बाद बैंक के 80 हजार खाताधारकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बैंक के लोन के 138 करोड़ रुपये में से 72 करोड़ रुपये 50 डिफाल्टरों के पास ही फंसे हुए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि 499 में से 15 डिफाल्टर ऐसे हैं, जिनके पास बैंक के करीब 50 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। बैंक के लिए इन सभी 499 डिफाल्टर से 6 महीने में 138 करोड़ रुपये की रिकवरी करनी है।
बघाट बैंक के एक डिफाल्टर ने तीन महीने में पूरा लोन भरने की हामी भरी। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के आदेश सस्पेंड कर दिए गए हैं। आरोपी ने यह भी माना कि वह पूरा सहयोग करेगा। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो दोबारा से उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।- गिरीश नड्डा, सहायक पंजीयक सहकारी समिति सोलन।