120वीं जयंती पर चनालग में दी श्रद्धांजलि, ज्वाला मंदिर समिति व सामुदायिक भवन के लिए अनुदान की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/सराहां (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व में आने का श्रेय प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की दूरदर्शी सोच, अथक प्रयासों और मजबूत नेतृत्व को जाता है। आज हिमाचल जिस विकास की ऊंचाइयों पर पहुंचा है, उसकी मजबूत नींव डॉ. परमार ने रखी थी। यह विचार मंगलवार को डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव चनालग में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने रखे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश गठन के समय हिमाचल की प्रति व्यक्ति आय मात्र 247 रुपये थी, जो आज बढ़कर करीब 2.60 लाख रुपये हो गई है। उस समय प्रदेश में लगभग 200 शिक्षण संस्थान थे, जबकि आज इनकी संख्या 15 हजार से अधिक है। यह परिवर्तन डॉ. परमार की दूरदर्शी नीतियों और विकास की सोच का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि डॉ. परमार ने अनेक छोटी-बड़ी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अलग पहाड़ी राज्य की नींव रखी और हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार ईमानदारी, सादगी और जनसेवा के प्रतीक थे तथा उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि बागथन क्षेत्र दुग्ध उत्पादन में प्रदेश का अग्रणी क्षेत्र बनकर उभरा है।
उद्योग मंत्री ने सिरमौर के लोगों की शिक्षा, खेल, प्रशासन और राजनीति में उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि जिले ने प्रदेश को कई प्रतिभाशाली अधिकारी और जनप्रतिनिधि दिए हैं। इस अवसर पर उन्होंने ज्वाला मंदिर समिति को 50 हजार रुपये, स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 25 हजार रुपये तथा चनालग सामुदायिक भवन की छत निर्माण के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इससे पूर्व उद्योग मंत्री ने चनालग पहुंचकर डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, अर्जुन का पौधा रोपा तथा ज्वाला माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में डॉ. परमार के पौत्र एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद परमार ने उनका स्वागत कर शॉल, हिमाचली टोपी और स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत लानाबांका के प्रधान शमशेर सिंह ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। रमेश शास्त्री ने डॉ. परमार के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया। पूर्व प्रधान नेहर स्वार ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सीताराम शर्मा, एसडीएम पच्छाद डॉ. प्रियंका चंद्रा, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा, डीएसपी राजगढ़ वीसी नेगी, प्रधान सरोजबाला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणवीर परमार आदि उपस्थित रहे।