द स्कॉलर्स होम स्कूल में एनसीएफ-एसई पर कार्यशाला आयोजित
-शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई शिक्षा नीति की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। द स्कॉलर्स होम स्कूल में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा फॉर स्कूल एजुकेशन (एनसीएफ-एसई) विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षा के नवीन आयामों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई।
विद्यालय परिसर में सीबीएसई के क्षमता निर्माण कार्यक्रम (सीबीपी) के तहत आयोजित कार्यशाला का संचालन संसाधन व्यक्ति आशुतोष गौर और प्रवीण कुमार ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के उद्देश्यों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यशाला का शुभारंभ स्कूल निदेशक गुरमीत कौर नारंग और प्रधानाचार्य अभिषेक शर्मा की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन और प्रार्थना के साथ हुआ। वक्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मुख्य उद्देश्य तीन से 18 वर्ष तक के बच्चों को रटने की बजाय योग्यता आधारित, समग्र और लचीली शिक्षा प्रदान करना है।
कार्यशाला में करीब 60 शिक्षकों ने भाग लिया। दिनभर चले सत्रों में शिक्षकों ने चर्चाओं, गतिविधियों और विचार-विमर्श में सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम और मूल्यपरक शिक्षण पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
संसाधन व्यक्तियों ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग और नैतिक मूल्यों के विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है। कार्यशाला का समापन प्रेरणादायक वातावरण में हुआ। शिक्षकों ने इस ज्ञानवर्धक अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए एनसीएफ के उद्देश्यों को विद्यालयी शिक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। संवाद