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Sirmour News: विद्यालय प्रमुखों ने प्राप्त की नेतृत्व करने की जानकारी

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डाइट नाहन में कार्यशाला के दौरान स्कूल मुखियों को संबोधित करती खंड परियोजना अधिकारी डॉ आशिमा रा
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विद्यालय प्रमुखों ने प्राप्त की नेतृत्व करने की जानकारी
डाइट नाहन में विद्यालय प्रमुखों की पांच दिवसीय नेतृत्व एवं प्रबंधन कार्यशाला शुरू
प्रथम चरण में पांच शिक्षा खंडों के 66 विद्यालय प्रमुख किए जा रहे प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के विद्यालय प्रमुखों की पांच दिवसीय नेतृत्व एवं प्रबंधन कार्यशाला का शुभारंभ डाइट नाहन में शिक्षा उपनिदेशक गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी रीता गुप्ता और शिक्षा उप निदेशक प्रारंभिक एवं प्रधानाचार्य डाइट राजीव ठाकुर की ओर से किया गया।
राजीव ठाकुर ने हिमाचल सरकार की ओर से शिक्षा की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों व नीतियों पर विस्तृत रूप से चर्चा की और शिक्षा विभाग के निर्देशों को विद्यालय स्तर तक ले जाने का आह्वान किया।
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शिक्षा उप निदेशक गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी रीता गुप्ता ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा और दक्षता से कार्य करने के निर्देश दिए। कार्यशाला जिला समन्वयक डॉ. आईडी राही ने बताया कि इस कार्यशाला के प्रथम चरण में शिक्षा खंड नाहन, सुरला, ददाहू, सराहन, संगड़ाह के 66 विद्यालय प्रमुख भाग ले रहे हैं जिसमें 27 प्रधानाचार्य, 11 मुख्याध्यापक, 21 केंद्रीय मुख्य शिक्षक, 6 मुख्य शिक्षक भाग ले रहे हैं।
इसी तरह से आज से ही खंड परियोजना अधिकारी शिलाई के कार्यालय में भी इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा हैं जहां पर शिक्षा खंड शिलाई, बकरास और कफोटा के 34 विद्यालय प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। यह कार्यशाला 25 फरवरी तक चलेगी। इस कार्यशाला के स्रोत व्यक्तियों को भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर की ओर से पांच दिवसीय प्रशिक्षण ऋषिकेश में और उसके बाद दो दिवसीय प्रशिक्षण एससीई आरटी सोलन की ओर से दिया गया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस स्रोत व्यक्ति प्रधानाचार्य डॉ. आशिमा राघव ने नेतृत्व करने वाले व्यक्ति में क्या गुण होने चाहिए और किस तरह से एक बेहतर नेतृत्व किया जा सकता है, इसकी जानकारी दी गई।
स्रोत व्यक्ति प्रधानाचार्य प्रिया तोमर ने बताया कि किस तरह से विद्यालय के वातावरण को प्रेरणादायक एवं अनुकूल कार्यस्थल में बदला जा सकता है ताकि सभी लोग मन लगाकर कार्य कर सकें।
बाद दोपहर के सत्र में मुख्यध्यापिका सीमा तोमर ने बताया गया कि किस तरह से अपने विद्यालय के साथियों को शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए प्रेरित किया जा सकता हैं और सरकारी विद्यालयों को एक ब्रांड के रूप में उभारा जा सकता है।
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स्तोत्र व्यक्ति प्रधानाचार्य प्रिया तोमर ने बाद दोपहर के सत्र में बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को कैसे बेहतर रखें ताकि एक विद्यालय प्रमुख और उनकी पूरी टीम शिक्षा और विद्यालय की बेहतरी के लिए अपना योगदान दे सके।
-संवाद
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