उपायुक्त कार्यालय नाहन के परिसर में भूख हड़ताल पर बैठीं गुर्जर समाज की महिलाएं।
नाहन (सिरमौर)। गिरिपार के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के फैसले के बाद प्रदेश सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए अब गुर्जर समुदाय की महिलाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को समुदाय की महिलाएं उपायुक्त कार्यालय नाहन के परिसर में सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठीं।
दरअसल, गिरिपार इलाके के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने, आरक्षण कोटा न बढ़ाने और अधिकारों से छेड़छाड़ के विरोध में गुर्जर समुदाय में रोष व्याप्त है। डीसी परिसर में भूख हड़ताल पर बैठी महिला शक्ति ने दो-टूक शब्दों में सरकार को चेताया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वह किसी भी सूरत में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी। महिलाओं का कहना है कि गिरिपार जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जा रहा है और इससे सिरमौर जिला में रह रहे गुर्जर समुदाय के कोटे पर सीधा असर पड़ेगा।
गुर्जर कल्याण परिषद महिला विंग की अध्यक्ष रितु ने कहा कि गुर्जर समाज से जुड़े लोग कम शिक्षित हैं। ऐसे में यदि गिरिपार को एसटी में शामिल किया जाता है तो इससे गुर्जर समुदाय के लोगों को सीधा नुकसान पहुंचेगा। ऐसे में सरकार से मांग की जा रही है कि हाटी समुदाय के लिए सरकार अलग से कोटे का प्रावधान करें और गुर्जर समुदाय के 7.5 प्रतिशत कोटे को सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो शिमला में धरना देंगे। यदि तब भी बात नहीं बनी तो दिल्ली में भी प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेंगे। गुर्जर समुदाय की अन्य महिलाओं ने कहा कि मांग पूरी न होने तक उनका विरोध लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तर पर इस आवाज को उठाया जाएगा।