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महिलाओं ने जाने कानूनी अधिकार

Mon, 30 May 2016 10:39 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
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लाटू देवता के कपाट खुलने पर मांगल गीत गाती महिलाएं। - फोटो : Amar Ujala
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नाहन(सिरमौर)। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राज्य महिला आयोग द्वारा कफोटा में एक दिवसीय महिला जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में शिलाई क्षेत्र की महिला मंडल एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सिलाई सेंटर की लगभग तीन सौ महिलाओं ने भाग लिया। इस शिविर की अध्यक्षता सदस्य राज्य महिला आयोग प्रोमिला ने की।
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प्रोमिला ने बताया कि हिप्र सरकार द्वारा महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण हेतु राज्य महिला आयोग का गठन किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं का उत्पीड़न रोकना, दहेज प्रथा की कुरीति रोकना, महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा करना, महिलाओं की समस्याओं का तुरंत निवारण,  महिलाओं के पुनर्वास को सुनिश्चित करना है। कहा कि महिलाओं को दहेज के बारे में अपना नजरिया बदलना चाहिए। नारी समाज और परिवार की रीढ़ की हड्डी होती है तथा महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में संघर्ष करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित महिला सादे कागज पर महिला आयोग को आवेदन कर सकती है। पवना चौधरी सदस्य महिला आयोग ने घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम बारे जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के संरक्षण के लिए भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया है। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाना व उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने बताया कि शारीरिक उत्पीड़न, लैंगिक शोषण, मौखिक और भावनात्मक व आर्थिक उत्पीड़न को घरेलू हिंसा में शामिल किया गया है। इस अवसर पर सीडीपीओ शिलाई मदन सिंह चौहान, बीडीओ शिलाई राजकुमार, प्रभारी कृषि विभाग डॉ. साहिब सिंह तथा उद्यान विभाग से मनसा राम ने अपने-अपने विचार रखे तथा विभाग से संबंधित जानकारी दी।
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