वन्य प्राणी विभाग ने रेणुका जू में जानवरों को परोसे जाने वाले मांस के मामले में अपनी एक बड़ी गलती सुधारी है। मांस को अब परिक्रमा मार्ग की बजाय दूसरे मार्ग से ले जाया जाएगा। पहले इसी मार्ग का प्रयोग किया जाता था। लेकिन बिना कारण विभाग ने मार्ग को बदल दिया था। इस पर कई संगठनों व बुद्धिजीवियों ने आपत्ति जताई थी।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने बीते मंगलवार को मांस ले जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं के विरोध का सवाल उठाते हुए इसे लोगों की धार्मिक आस्था का हनन बताया था। बाद में अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए वन्य प्राणी विभाग के आरओ लायकराम ने संबधित अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल मार्ग बदलने के निर्देश दिए।
सूत्रों की मानें तो विभाग ने मंगलवार शाम से ही मार्ग बदल कर पुराने मार्ग को बहाल करने व इसकी दशा सुधारने पर कार्य शुरू कर दिया था। वन्य प्राणी रेणुका विकार के आरओ लायकराम ने कहा कि मार्ग को बदलने का कार्य शुरू कर दिया गया था। अब परिक्रमा मार्ग से मांस नहीं ले जाया जाएगा।
वन्य प्राणी विभाग की ओर से रेणुका विहार में पल रहे 4 तेंदुओं व 2 जंगली बिल्लियों को भोजन के तौर पर परोसे जाने वाले मांस को परिसर के भीतर परिक्रमा मार्ग से ले जाया जाता था। जहां कई मंदिर व धार्मिक मठ मौजूद हैं। इस मार्ग पर दर्जनों श्रद्धालु आवाजाही करते रहते हैं।
विभाग इसी मार्ग से 13 किलो चिकन की आपूर्ति करवा रहा था। इसका रेणुका जी तीर्थ के संत महात्माओं, विकास बोर्ड के पदाधिकारियों ने विरोध किया था।