रेणुका विस क्षेत्र की खूड़ द्राबिल पंचायत में सिविल सप्लाई के
गोदाम से पंचायत के सीमेंट के 1200 बैग गायब होने का मामला सामने आया है।
सीमेंट को पंचायत के मनरेगा कार्यों पर इस्तेमाल किया जाना था। सीमेंट गायब
होने से सिविल सप्लाई विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि पंचायत प्रधान ने
सीमेंट के बैग गायब होने पर हेराफेरी की आशंका जताई है। पंचायत प्रधान ने
इसकी शिकायत उपायुक्त व संबंधित अधिकारियों से की है। संगड़ाह के बीडीओ ने
मामले की छानबीन किए जाने की पुष्टि की है।
पंचायत सूत्रों से मिली
जानकारी के अनुसार खूड़ द्राबिल पंचायत की प्रधान दीपो देवी ने पंचायत में
मनरेगा कार्यों की पूर्ति के लिए सिविल सप्लाई विभाग से सीमेंट के 2800
बैगों की मांग की थी। इसकी कीमत पंचायत प्रधान ने सात लाख 13 हजार रुपये
बीती 17 जून को आनलाइन चुकता कर दी थी।
पंचायत प्रधान ने पहले सलॉट में
मात्र 1600 बैग ही गोदाम से उठाए थे। बीते कल प्रधान दीपो देवी ने जब
गोदाम से शेष 1200 बैग सीमेंट की मांग की तो उन्हें यह कह कर मना कर दिया
गया कि बचे सीमेंट के बैग पंचायत के नाम पर पहले ही आपूर्ति किए जा चुके
हैं। यह सुनकर पंचायत प्रधान हतप्रभ रह गईं। पंचायत प्रधान ने विभाग पर
आरोप लगाते हुए कहा कि खूड़ पंचायत के नाम पर सीमेंट मामले में बड़ा गोलमाल
किया गया है, जबकि वह सीमेंट की पूरी कीमत अदा कर चुकी हैं।
खूड़
पंचायत के हिस्से का सीमेंट गायब हुआ है। मामला उनके संज्ञान में आया है।
गोदाम से गायब हुए 1200 सीमेंट के बैगों की पूरी जांच की जाएगी। इस मामले
की छानबीन की जा रही है। दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।-राजेश्वर भाटिया, बीडीओ संगड़ाह