फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाहन में पेयजल संकट के लिए कौन जिम्मेदार

Sun, 22 May 2016 10:59 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
विज्ञापन
भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद को तरसे लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। नाहन शहर में चल रहे पानी के संकट की वजह क्या है। पेयजल स्रोत में तो पानी कम है ही लेकिन बिजली के बार-बार लग रहे कट से भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शहर में चल रही पानी की कमी को लेकर दोनों विभाग इक-दूजे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। हालांकि सही मायने में देखा जाए तो दोनों ही विभागों की व्यवस्था में खामियां है।
विज्ञापन


आईपीएच की लाइनें लीकेज हो रही हैं। जल स्रोत में भी पानी कम है। वर्षों पुरानी पाइप लाइन भी जवाब दे रही है। जबकि बिजली के बार-बार कट लगने से शहर के लोगों को पर्याप्त रूप से पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है।
नाहन शहर की आबादी 45 हजार से भी अधिक है। 13 वार्ड वाले नाहन शहर में पर्याप्त रूप से पानी नहीं मिल रहा और न हीं पानी मुहैया करवाने के लिए कोई समय निश्चित है जिससे लोगों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। शहर को दो मुख्य योजनाओं से पानी की सप्लाई मुहैया करवाई जा रही है लेकिन जनसंख्या के लिहाज से यह नाममात्र है। नलों के समीप लगने वाली बर्तनों की लाइन इसका उदाहरण है। शहर के लिए खैरी में लगे चार विभिन्न ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई करता है। ट्यूबवेल का पानी एकत्रित कर लिफ्ट कर दोघरिया तक पहुंचाया जाता है जहां से लाल कोठी स्थित स्टोरेज टैंक पहुंचने के बाद पानी शहर में बने 14 स्टोरेज टैंक के जरिए शहर को सप्लाई किया जाता है। विभाग का कहना है कि इस दौरान यदि कहीं भी पावर कट लग जाए तो पानी की सप्लाई रुक जाती है। जबकि बिजली बोर्ड का कहना है कि बिजली कट से फर्क नहीं पड़ता। आईपीएच के पास और विकल्प भी तो हैं।
विज्ञापन


बॉक्स के लिए--
आमने---सामने
पावर कट से बनी समस्या : आईपीएच
1. आईपीएच के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार के अनुसार पावर कट की वजह से पानी पूरी तरह से लिफ्ट नहीं हो पाता। हालांकि, बोर्ड ने बिजली वोल्टेज की समस्या का समाधान कर लिया है। लेकिन, बार-बार लग रहे कटों से पानी पूरी तरह से लिफ्ट नहीं हो पा रहा। एक घंटा भी बिजली गुल हो जाए तो विभाग की तमाम टाइमिंग बिगड़ जाती है।

पावर कट से पेयजल योजनाओं पर असर नहीं : बोर्ड
2. बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता आरके शर्मा के अनुसार पावर प्रोजेक्ट में उत्पादन कम होने से बिजली के कट लगते हैं। रविवार को तकनीकी खराबी की वजह से कुछ देर के लिए बत्ती गुल हुई थी। कई बार सोलन तो कभी दूसरे ग्रिड से बिजली लेनी पड़ रही है जिससे कट लग रहे हैं। लेकिन इसका पेयजल योजनाओं पर खास असर नहीं है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें