भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित
बिजली गिरने और हवाएं चलने से कई जगह विद्युत आपूर्ति बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/हरिपुरधार/नौहराधार/संगड़ाह (सिरमौर)। जिला सिरमौर में मंगलवार देर शाम और बुधवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हो गया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी आवाजाही बाधित रही।
जानकारी के अनुसार रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के हरिपुरधार, बड़ियालटा, डोम का बाग, थियानबाग, पियुलीलाणी, डलयाणू, जबलोग अरट, भजाई धार और ठीरधार सहित ऊपरी इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को काफी क्षति हुई है। गुठलीदार पौधों के साथ-साथ गेहूं और जौ की तैयार फसल भी प्रभावित हुई है।
मैदानी क्षेत्रों पांवटा साहिब और धौलाकुआं में कई जगह गेहूं की फसल कटाई के बाद खेतों में रखी गई थी, जो बारिश से खराब हो गई। वहीं हरिपुरधार और नौहराधार क्षेत्र में ओलावृष्टि से टमाटर और शिमला मिर्च जैसी नकदी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। पच्छाद क्षेत्र के सराहां, बनाहा की सेर और सैनधार में टमाटर और शिमला मिर्च की खेती के लिए तैयार की गई जमीन भी बारिश से खराब हो गई है। इससे पहले हुई बारिश से नारग और टिपरिया क्षेत्रों में कीवी फसल को भी नुकसान पहुंच चुका है।
बारिश के चलते बुधवार को जिला के ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। फिसलन के कारण कई स्थानों पर बसें नहीं पहुंच पाईं, जिससे लोगों को वैकल्पिक साधनों से अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। पच्छाद और राजगढ़ क्षेत्र में तेज हवाओं और बिजली गिरने से कई जगह विद्युत आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, यह बारिश लहसुन की फसल के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इन दिनों लहसुन का आकार बनने की अवस्था होती है, जिसमें पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में बारिश सिंचाई पर निर्भर किसानों के लिए राहत लेकर आई है।
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इनसेट
किसानों को मुआवजा देने की उठी मांग
हाल ही में सिरमौर सहित शिमला क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से सेब, लहसुन और मटर की फसलों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इस पर भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील बनी हुई है। फसलों को भारी नुकसान के बावजूद अभी तक न तो कोई विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है। न ही नुकसान का सही आकलन किया गया है। उन्होंने सरकार से तुरंत विशेष सर्वे अभियान चलाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
शमशेरगढ़–सालघाटी–बांगरण सड़क की बदहाल
पुरुवाला। शमशेरगढ़–सालघाटी–बांगरण संपर्क मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। बारिश के बाद तो ओर भी ज्यादा ही खस्ताहालत हो चुकी है। ऊबड़-खाबड़ सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह बड़े गड्ढे और टूटी हुई सड़क वाहन चालकों के लिए खतरा बन चुकी है। करीब तीन महीने से भी अधिक समय से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीणों बनवारी लाल, सुरेंद्र, राजीव, बहादुर, सुंदर, सीता, लालचंद आदि कहना है कि सड़क के दोनों ओर कटे किनारे इसे और भी संकरा बना रहे हैं। इससे कीचड़, गाद की समस्या बढ़ गई है, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए रोजाना परेशानी का कारण बन रही है। सड़क पर घर गड्ढों और पानी भरने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रामभज तोमर ने कहा कि इसी मार्ग की मरम्मत का कार्य होना है। जल्द ही सड़क ठीक कर दी जाएगी। संवाद
बारिश के बाद बदहाल शमशेरगढ़–सालघाटी–बांगरण संपर्क मार्ग। संवाद