शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए सबसे बड़ी खैरी उठाऊ पेयजल योजना तीसरे दिन शुक्रवार को भी सुचारू रूप से नहीं चली। हालांकि पिछले दो दिनों के मुकाबले शुक्रवार को कुछ लाख लीटर पानी लिफ्ट किया गया। बुधवार को पंप स्कीम की सभी मोटरें वोल्टेज के कारण जल गई थी। इस कारण शहर में दो दिन के भीतर करीब 60 लाख लीटर पानी लिफ्ट नहीं हो सका। इसके लिए बिजली बोर्ड और आपीएच के अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
तीसरे दिन शहर में पीने का पानी नहीं मिलने से करीब दो दर्जन कॉलोनियों में भारी पेयजल किल्लत रही। विभाग ने अपने स्टोरेज टैंक से कुछ पॉश कालोनियों में तो पानी दे दिया, लेकिन दूरदराज की कॉलोनियों को पानी नहीं मिला। पूरा शहर पेयजल किल्लत से जूझ रहा है। जबकि आईपीएच और बिजली बोर्ड के अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराकर अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रहे हैं।
बीते बुधवार को आईपीएच के एसडीओ नासिर हुसैन एवं जेई प्रदीप कुमार ने दोपहर 2 बजे बताया कि खैरी पेयजल योजना में लगे ट्रांसफार्मर के केबल में धमाका होने से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। वीरवार को बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता पीसी दत्ता ने बयान जारी कर इस बात का खंडन किया और बताया कि विभाग का खैरी स्कीम का ट्रांसफार्मर नहीं जला है बल्कि आईपीएच की खैरी स्कीम की मोटरें जल गई है जिससे आपूर्ति बाधित है। उन्होंने आईपीएच के अधिकारियों पर गुमराह करने का आरोप लगाया।
उधर, आईपीएच के सहायक अभियंता नासिर हुसैन ने दावा किया कि बिजली बोर्ड के खैरी स्थित ट्रांसफार्मर के केबल में पहले धमाका हुआ और मोटरें भी जल गई। बिजली में आए जबरदस्त फाल्ट के कारण ही उनकी मोटरें जली है। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड अधिकारियों ने मौके पर आकर मरम्मत कार्य भी किया। जबकि आईपीएच की जली हुई मोटरें ठीक की जा रही है। एक दो दिन के भीतर नाहन शहर के लिए पेयजल आपूर्ति नियमित हो जाएगी।