ग्रामीणों को मीलों दूर से ढोना पड़ रहा पानी, पूरा दिन पानी लाने में ही रहा है बीत
संवाद न्यूज एजेंसी
रोनहाट (सिरमौर)। शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कोटी बौंच पंचायत के कोटी गांव में एक महीने से पेयजल संकट बना हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार कोटी गांव के लिए जलशक्ति विभाग की ओर से चलाई हुई योजनाओं में प्रवाह पेयजल योजना में पानी कम हो रहा है, वहीं दूसरी उठाऊ पेयजल योजना में लो वोल्टेज की समस्या से पानी गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ऐसा होने से ग्रामीणों को पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। विशेषकर पीने के पानी के लिए ग्रामीण एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। जबकि कपड़े धोने, पशुओं के लिए पानी का जुगाड़ गांव से मीलों दूर स्थित जलस्रोत से करना पड़ रहा है। इस कार्य में उनका पूरा दिन पानी ढोने में ही बीत रहा है।
कोटी निवासी बलबीर सिंगटा, गोपाल सिंगटा, रणदीप सिंगटा, सीता राम ने बताया कि कोटी गांव में एक माह से पेयजल संकट गहरा रहा है। यहां पर जहां प्राकृतिक स्रोत में पानी कम हो रहा है, वही गांव की उठाऊ पेयजल योजना में भी पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते ग्रामीण अब पुराने स्रोत (कुएं ) की ओर रुख कर रहे हैं, जबकि वहां भी पानी कम मात्रा में उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने बताया कि गांव की महिलाएं कुएं की सफाई कर पानी का संग्रहण करने का कार्य कर रहीं हैं ताकि घर में खाना बनाया जा सके। ग्रामीणों ने सरकार से लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
इस संबंध में जलशक्ति विभाग रोनहाट के सहायक अभियंता दिनेश सकलानी ने बताया कि प्रवाह पेयजल योजना में पानी कम हो गया है, वहीं उठाऊ पेयजल योजना में लो वोल्टेज की समस्या आ रही है। नई उठाऊ पेयजल योजना का कार्य चल रहा है, जिसमें अभी कुछ माह लगेंगे। इसके बाद समस्या का स्थायी हल होगा।
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