पांवटा साहिब (सिरमौर)। ग्राम पंचायत कमरऊ के चार उपगांव में भारी पेयजल संकट खड़ा हो गया है। मजबूरन लोगों को तीन किलोमीटर की दूरी से पानी ढोकर अपना व मवेशियों का गुजारा चलाना पड़ रहा है। पंचायत के 600 लोग यह समस्या झेल रहे हैं। इस समस्या को लेकर शुक्रवार को कमरऊ का प्रतिनिधिमंडल अधिशाषी अभियंता से मिला। आईपीएच विभाग अधिशाषी अभियंता ने ग्रामीणों को शीघ्र मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को कमरऊ पंचायत प्रधान सुदेश ठाकुर, पंचायत सदस्य गंगा राम, राजेश कुमार, पांवटा कॉलेज पूर्व एससीए अध्यक्ष चंद्रमोहन ठाकुर, रमेश ठाकुर, कांसू राम, सुरेश तोमर, जीवन सिंह, पूरन चंद, हुकमी राम, बलिया राम, मीया राम, बलबीर सिंह, दया राम, अमर सिंह, मामराज, कर्म सिंह, मामराज, रमन सिंह, मनीष ठाकुर, जमन लाल, धनवीर सिंह, कल्याण सिंह, रतन सिंह व बलबीर सिंह ने बताया कि करीब 600 लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पंचायत के उप गांव गुइला, शिलड़ी, टिंबी व शुकारा के ग्रामीणों को तीन किलोमीटर की दूरी से पानी ढोना पड़ रहा है। पिछले लंबे अरसे से पानी की दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने विभाग से मांग की कि इन गांव को समीप की पेयजल योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि लोगों को पेयजल संकट से निजात मिल सके।
ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारी को बताया कि इन गांवों के लोगों को पेयजल किल्लत के साथ सिंचाई योजना का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने आईपीएच के अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत करवाया। उधर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग अधिशाषी अभियंता नरेश धीमान ने बताया कि शीघ्र ही वह कमरऊ पंचायत के इन उप गांव का दौरा करेंगे ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। उन्होंने बताया कि कमरऊ पंचायत के ग्रामीणों की दिक्कतों को दूर कर दिया जाएगा।