राजपुर (सिरमौर)। राजपुर पंचायत के अंतर्गत आने वाले धारड़ा गांव में 8 दिन से जल संकट बना हुआ है। ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को मोहताज हैं। चिलचिलाती गर्मी में ग्रामीणों को दो किलोमीटर का सफर तय कर पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि ग्रामीणों की इस समस्या से जहां विभागीय अधिकारी खुद को अनभिज्ञ बता रहे हैं वहीं ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में तैनात कर्मी के अनुसार उन्होंने अधिकारियों को इस बारे अवगत करवा दिया है। किंतु अधिकारी जरूरी सामान उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं जिस कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके चलते ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए अभी तक भी कोई भी कदम नहीं उठाया जा सका है।
क्षेत्र के जयकिशन, सीताराम, नारायण सिंह, नरेश, सुनीता, नीलम, रामलाल, राजेंद्र, ममता, सरोज, संदीप आदि दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 8 दिनों से गांव में पानी की बूंद नहीं टपकी है। इस कारण उन्हें तथा पशुओं को पानी की बूंद-बूंद को मोहताज होना पड़ रहा है। बताया कि उनके गांव को जिस पेयजल योजना से पानी दिया जाता है उसकी पाइप में लगे गेटवाल को कुछ दिन पहले शरारती तत्वों ने तोड़ दिया है। इसके चलते उनके गांव में पिछले 8 दिन से पानी नहीं आ रहा है जिस कारण वो पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। बताया कि इस चिलचिलाती गर्मी में वो दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी भर कर ला रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गेटवाल तोड़े जाने की सूचना उन्होंने क्षेत्र में कार्यरत आईपीएच कर्मी को तत्काल दे दी थी। बावजूद इसके आज तक गेटवाला को ठीक नहीं करवाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ शरारती तत्व जानबूझ कर इस गेटवाल को लगातार तोड़ रहे हैं ताकि पाइप से पानी उनके क्षेत्र में चला जाए। राजेन्द्र सिंह ने बताया कि वो प्रत्येक दिन आईपीएच कर्मी को पेयजल किल्लत की जानकारी दे रहे हैं और कर्मी हर बार यही बात दोहराता है कि उसने सूचना आलाधिकारियों को दे दी है लेकिन उसे सामान उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है।
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विभाग को नहीं कोई सूचना
तैनात कर्मी से जानकारी लेकर जेई को मौके पर भेजेंगे
उधर एसडीओ जितेंद्र ठाकुर आईपीएच पांवटा मंडल का कहना है कि विभाग को इस बारे कोई सूचना नहीं है। क्षेत्र में तैनात कर्मी से जानकारी लेकर मौके पर जेई को भेजा जाएगा तथा ग्रामीणों को पानी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।