30 जुलाई 2025 को गैरहाजिरी के कारण डिफॉल्ट में खारिज हुई थी दावा याचिका
नाहन। मोटर दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर दाईं आंख की रोशनी गंवाने वाले राजू को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) से राहत मिली है। पीठासीन अधिकारी योगेश जसवाल ने डिफॉल्ट में खारिज की गई उसकी दावा याचिका को बहाल करने के आदेश दिए हैं।
मामला वर्ष 2023 में राजू बनाम लोकेश एवं अन्य से संबंधित है। राजू की दावा याचिका 30 जुलाई 2025 को उस समय खारिज कर दी गई थी, जब वह और उसके अधिवक्ता सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हो सके थे। इसके बाद राजू ने याचिका बहाल करने के लिए अधिकरण में आवेदन दायर किया।
राजू ने आवेदन में बताया कि लगातार उपचार और शारीरिक परेशानी के कारण वह निर्धारित तारीख पर अधिकरण में उपस्थित नहीं हो सका। उसकी स्थिति ऐसी थी कि वह अपने अधिवक्ता से भी संपर्क नहीं कर पाया। प्रतिवादियों ने आवेदन का विरोध करते हुए इसे समय-बाधित बताया।
अधिकरण ने पूर्व मामलों में दिए न्यायिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में अदालतों को तकनीकी आधार के बजाय न्यायोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इन तथ्यों को देखते हुए अधिकरण ने राजू की खारिज दावा याचिका को दोबारा बहाल करने का आदेश दिया। मामले को 21 अगस्त 2026 के लिए सूचीबद्ध किया गया है। संवाद