भारतीय किसान यूूनियन हिमाचल प्रदेश की बैठक में किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। भारतीय किसान यूूनियन हिमाचल प्रदेश की सोमवार को विश्राम गृह में बैठक आयोजित हुई। इस दौरान बाता नदी के दोनों तरफ क्षेत्रों में वायरस की चपेट में आई धान फसल बर्बाद होने पर चिंता प्रकट की गई। बैठक के बाद एसडीएम पांवटा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इसमें मांग की कि कृषि विभाग अधिकारियों व विशेषज्ञों को भेजकर प्रभावित क्षेत्रों में क्षति जायजा लेकर राहत दी जाए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय किसान यूूनियन हिमाचल प्रदेश अनिंद्र सिंह नोटी व पांवटा इकाई के अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग ने कहा कि तहसील क्षेत्र के कई गांवों में खासकर बाता नदी के आर-पार के क्षेत्रों में धान की खड़ी फसल अनजान वायरस से तबाह हो रही है। शेष फसल बचाने को किसान प्रयासरत हैं।
बैठक में किसान संघ के सदस्यों ने कहा कि इस लोग पर काबू नहीं पाया गया तो किसानों को धान फसल में भारी क्षति होगी। अब तक कोई विभागीय टीम प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंंची है। तुरंत कृषि विभाग अधिकारियों व विशेषज्ञ वैज्ञानिकों को मौके पर भेजा जाए। पंजाब व हरियाणा की तर्ज पर 2025 में फसल की उपज (पैदावार) व समर्थन मूल्य के नए मानकों अनुसार मुआवजा जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर आग्रह किया कि जिला उपायुक्त को निर्देश जारी किए जाएं कि जिन किसानों की फसल को क्षति पहुंची है और किसान का फसल बीमा योजना में प्रीमियम कटा है, उनको शत प्रतिशत मुआवजा दिलवाया जाए। जिनकी फसल बदरंग हुई व दाना छोटा रह गया तो उसकी खरीद भी सुनिश्चित करवाई जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं किया गया तो समस्या गंभीर हो सकती है, और किसानों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन के गुरजीत सिंह महासचिव, चरणजीत सिंह उपाध्यक्ष, अर्जुन सिंह यूथविंग अध्यक्ष,शरवन कुमार, बूटा सिंह, सरबन सिंह, मनजीत सिंह, सरवन सिंह, बूटा सिंह, परमजीत सिंह, गुरदीप सिंह, लियाकत अली,नसीम अली,नरेश शर्मा, कमलेश चंद, सुभाष, दिनेश, दाता राम, मुलखराज, महबूब, भूरा खान व शोकत अली समेत अन्य कि सान मौजूद रहे।