शिलाई (सिरमौर)। शिलाई उपमंडल की पंचायत कोटा पाब के गांव हरलोग में खुले डाकघर को कोटा पाब ले जाने के फैसले के खिलाफ ग्रामीण बगावत पर उतर आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने धमकी दी है कि यदि विभाग अपने फैसले पर अटल रहता है तथा हरलोग डाकघर की शाखा को कोटा पाब शिफ्ट कर देता है तो मामले को अदालत में ले जाया जाएगा।
ग्रामीणों ने इस बाबत डाकघर विभाग के उच्चाधिकारियों को एक फैक्स भी भेजा है, जिसमें उन्होंने हरलोग गांव से डाकघर को कोटा पाब न ले जाने की अपील की है। क्षेत्र के ग्रामीण रमेश चंद, खजान सिंह, नैन सिंह, केदार सिंह, जगदीश चंद, उजागर सिंह, बलबीर सिंह, तुलसी राम आदि ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीण पोस्टमास्टर अपने सुविधा के चलते हरलोग गांव में खुले डाकघर को कोटा पाब ले जाने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीण पोस्टमास्टर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं विभागीय उच्चाधिकारियों को लगातार इस मामले में बरगला रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त ग्रामीण पोस्टमास्टर पहले भी डाकघर को कोटा पाब ले गया था। ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण इसे वापिस लाना पड़ा था। एक बार फिर से ग्रामीण पोस्टमास्टर डाकघर की इस शाखा को कोटापाब ले जाने की तैयारी कर रहा है जो कि सही नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि हरलेाग में सड़क, बिजली, पानी की सुविधा के साथ-साथ बीएसएनएल कनेक्टिविटी भी है। ऐसे में यहां से डाकघर को ले जाने का कोई कारण नहीं रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि फिर भी डाकघर की शाखा को कोटा पाब ले जाया जाता है तो ग्रामीण मामले को अदालत में ले जाने के लिए मजबूर होंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने डाकघर विभाग के उच्चाधिकारियों से डाकघर की शाखा को हरलोग में ही रहने देने की मांग की है।