विधायक अजय सोलंकी ने किया शुभारंभ, दोनों समुदायों की सहमति से बहाल हुआ शोभायात्रा का पुराना रूट
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन में शुक्रवार को वाल्मीकि चौक पर गेट लगाने को लेकर वाल्मीकि और सिख समाज में तनाव और पत्थरबाजी हुई थी, रविवार को उसी क्षेत्र से निकली महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा ने आपसी भाईचारे और सौहार्द की नई तस्वीर पेश की। मतभेद पीछे छूटे, दूरियां मिटती नजर आईं और दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के गले मिले। गोबिंदगढ़ में सिख समाज ने शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। खाने-पीने की सामग्री बांटी, फलों की टोकरी भेंट की और प्रसाद वितरित किया। वहीं, गुरुद्वारा साहिब के समीप पहुंचते ही वाल्मीकि समाज के लोगों ने भी गुरुवाणी चलाई। तनाव के माहौल के बीच आपसी सद्भाव का यह दृश्य शहर में चर्चा का विषय रहा।
नाहन के वाल्मीकि नगर से निकली शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक अजय सोलंकी ने किया। शोभायात्रा में भगवान महर्षि वाल्मीकि की झांकी और बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे समुदाय के लोगों ने नृत्य कर उत्सव का उल्लास बढ़ाया। विधायक अजय सोलंकी भी शोभायात्रा के साथ गोबिंदगढ़ तक शामिल रहे। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस की निगरानी में शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्वक गुजरी।
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गोबिंदगढ़ पहुंचते ही बदला माहौल, गले मिलकर दूरियां मिटाईं
शोभायात्रा के गोबिंदगढ़ पहुंचने पर सिख समाज के लोगों ने स्वागत कर आपसी सद्भाव का संदेश दिया। दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे से गले मिले और हालिया विवाद के बीच बनी तल्खी को पीछे छोड़ने का प्रयास किया। सिख समाज की ओर से खाने-पीने की सामग्री बांटी गई। गुरुद्वारा साहिब के समीप शोभायात्रा पहुंचने पर स्वागत, प्रसाद वितरण और फलों की टोकरी भेंट करने के साथ श्रद्धा भी व्यक्त की गई। इसके जवाब में वाल्मीकि समाज के लोगों ने गुरुद्वारा साहिब पहुंचते ही गुरुवाणी चलाई। दोनों पक्षों के इस व्यवहार ने स्पष्ट किया कि विवाद के बावजूद आपसी सम्मान और भाईचारे की गुंजाइश कायम है।
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पत्थरबाजी के बाद बढ़ा था तनाव, प्रशासन ने बदला था रूट
23 अक्तूबर को दोनों समुदायों के बीच गेट लगाने के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया था और भारी पत्थरबाजी हुई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। उपायुक्त के आदेश पर शोभायात्रा का रूट गोबिंदगढ़ से बदल दिया गया था। इससे सिख समाज में नाराजगी सामने आई और शोभायात्रा के मार्ग को लेकर दोनों समुदायों के बीच सहमति बनाने की जरूरत महसूस हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ संवाद का रास्ता भी अपनाया।
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एसपी कार्यालय में बैठक के बाद पुराने रूट पर बनी सहमति
शोभायात्रा के मार्ग को लेकर उपजे मतभेद दूर करने के लिए दोनों समुदायों के प्रबुद्ध लोगों की बैठक एसपी कार्यालय में हुई। बैठक में विधायक अजय सोलंकी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पुराने रूट को बहाल करने पर सहमति बनी। इसके बाद शोभायात्रा को पारंपरिक मार्ग से निकालने का रास्ता साफ हुआ। ऐन समय पर पुराने रूट से शोभायात्रा निकालने का निर्णय हुआ और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शोभायात्रा गोबिंदगढ़ से गुजरी और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग
नाहन गुरूद्वारा साहिब में शोभा यात्रा में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ सिख समुदाय के लोग