पांवटा साहिब(सिरमौर)। भारतीय दलित साहित्य अकादमी सिरमौर, किसान सभा पांवटा व भूमिहीन कब्जाधारी किसानों की संयुक्त बैठक पांवटा में हुई जिसमें 26 अगस्त को शिमला में विधानसभा पर हल्ला बोल प्रदर्शन पर चर्चा की गई। पांवटा तहसील के बंदरों को वर्मिन श्रेणी में रखा जाए। बैठक में निर्णय लिया कि शिमला के कार्यक्रम में पांवटा से 200 किसान व भूमिहीन किसान भाग लेंगे। जबकि 15 सितंबर 2016 को पांवटा में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।
दलित साहित्य अकादमी सिरमौर इकाई महासचिव सूरत सिंह, किसान सभा महासचिव सिरमौर महासचिव गुरविंद्र सिंह व संयोजक संघर्ष उप समिति पांवटा काबुलदीन ने कहा कि प्रदेश सरकार निर्धन परिवारों के प्रति गंभीर नहीं है। बैठक में आवारा पशुओं की समस्या, बंदरों को वर्मिन श्रेणी में लाए जाने की मांग रखी गई। सैकड़ों भूमिहीन परिवार सिरमौर के विभिन्न स्थलों पर रहते हैं, इनकों बेदखली नोटिस जारी हो रहे हैं। बिजली व पानी के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। कर दिए जा रहे हैं। इन परिवारों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
26 अगस्त को शिमला में धरना प्रदर्शन व विधानसभा पर हल्ला बोल कार्यक्रम होगा जिसमें पांवटा से दौ सौ लोग भाग लेंगे। बैठक में 15 सितंबर 2016 किसान सभा व दलित साहित्य अकादमी कमेटी ने वन अधिकार कानून-2006 की प्रक्रिया को तेजी से लागू करवाने को तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन का फैसला लिया है।
बैठक में मौजूद किसान-बागवान, कब्जाधारी संघर्ष कमेटी संयोजक काबुलदीन, गुल मोहम्मद, गुरविंद्र सिंह, मोहम्मद अली, जगत सिंह, छज्जू राम,जगदीप, साहिबू राम, जयवंती,
बलवंत सिंह, नजमा व जसविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।