16-17 अक्तूबर को चैंबर ऑफ कॉमर्स गोंदपुर में होगा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन
वैश्विक आर्थिक बदलाव, एआई, हरित अर्थव्यवस्था, कृषि और हिमालयी अर्थव्यवस्था समेत कई विषयों पर होगी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर मंथन के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। “बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारतीय अर्थव्यवस्था : अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर यह सम्मेलन 16 और 17 अक्तूबर को चैंबर ऑफ कॉमर्स, गोंदपुर में होगा। आयोजन अर्थशास्त्र विभाग की ओर से वाणिज्य विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।
16 अक्तूबर को उद्घाटन सत्र में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के कुलपति प्रो. डॉ. महावीर सिंह मुख्य अतिथि होंगे। वहीं 17 अक्तूबर को समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश की उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सुनीता सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगी। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं सम्मेलन के संरक्षक डॉ. जगदीश चौहान के मार्गदर्शन में होने वाले सम्मेलन में देशभर से करीब 300 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें शिक्षाविद, शोधकर्ता, नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल होंगे।
सम्मेलन में भारतीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन, समावेशी विकास, सार्वजनिक नीति एवं शासन, हरित अर्थव्यवस्था, सतत विकास, उद्यमिता, कृषि एवं ग्रामीण विकास, पर्यटन एवं हिमालयी अर्थव्यवस्था, महिला एवं सामाजिक समावेशन तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विकसित भारत-2047, आत्मनिर्भर भारत, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल इंडिया, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की आर्थिक भागीदारी जैसे समकालीन विषय भी विमर्श का हिस्सा होंगे।
सम्मेलन में प्रो. (डॉ.) एडीएएन बाजपेयी, अध्यक्ष, भारतीय आर्थिक संघ एवं कुलपति, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ बिलासपुर, झारखंड प्रो. (डॉ.) सी. एल. चंदन, पूर्व कुलपति, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी तथा प्रो. (डॉ.) मदन लाल, वाणिज्य विभाग, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय मुख्य व्याख्यान देंगे।
इसके अतिरिक्त प्रो. एनएस बिष्ट, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं निदेशक, जनसंख्या अनुसंधान केंद्र, शिमला प्रो. (डॉ.) संजीत एस. ठाकुर, डीन, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला प्रो. (डॉ.) एनएस पटनायक, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), जम्मू डॉ. विनायक डी. चव्हाण, निदेशक, वन अर्थ कार्बन सॉल्युशन लिमिटेड, लंदन डॉ. हरप्रीत सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र, पंजाब विश्वविद्यालय डॉ. सरजीत सिंह, अर्थशास्त्र विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला डॉ. प्रेम प्रकाश भारद्वाज, सेवानिवृत्त प्राचार्य, उच्च शिक्षा विभाग डॉ. राम लाल शर्मा, सेवानिवृत्त प्राचार्य, उच्च शिक्षा विभाग तथा डॉ. ख्याल सिंह, सहायक आचार्य, भूगोल, हिप्पा, शिमला भी अकादमिक चर्चाओं में भाग लेंगे।
डॉ. जगदीश चौहान ने कहा कि सम्मेलन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर देगा। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावनाओं और चुनौतियों को समझने के लिए अंतर्विषयक विमर्श महत्वपूर्ण है। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन से अकादमिक सहयोग, मौलिक शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और समावेशी विकास को लेकर उपयोगी सुझाव सामने आने की उम्मीद है।