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Sirmour News: हड़ताल के बीच कच्चे और तैयार माल की आपूर्ति पर संकट

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हड़ताल के बीच कच्चे और तैयार माल की आपूर्ति पर संकट
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गाड़ियां न आने से उद्योगों में उत्पादन ठप पड़ने के बने आसार

रेणुका के खनन व्यवसायियों को दो दिन में लाखों की चपत

संवाद न्यूज एजेंसी

कालाअंब/ददाहू (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में ट्रकों की हड़ताल से कच्चे माल और तैयार माल की आवाजाही पर असर पड़ना शुरू हो गया है।

बताया जा रहा है कि दूसरे राज्यों से कच्चा माल लेकर कालाअंब और पांवटा साहिब आ रहे कुछ ट्रक और कंटेनर रास्ते में रोके गए हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रवाना किया जा रहा है लेकिन गाड़ियां समय पर न पहुंच पाने के कारण औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन प्रभावित होने के आसार बन गए हैं।

हड़ताल ज्यादा दिनों तक जारी रही तो आने वाले दिनों में औद्योगिक उत्पादन पर व्यापक प्रतिकूल असर पड़ सकता है और व्यापार जगत को करोड़ों रुपये के रोजाना नुकसान से जूझना पड़ सकता है।
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लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संजय सिंगला, कालाअंब इकाई के अध्यक्ष विकास बंसल, मनोज गर्ग, आयुष गुप्ता, रमेश कुमार व जेपी शर्मा ने बताया कि ट्रकों की हड़ताल से कच्चे माल और तैयार माल की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

फिलहाल अभी हड़ताल की शुरुआत है तो आंशिक असर पड़ रहा है लेकिन भविष्य में इसका व्यापक असर व्यापार पर पड़ेगा। कहा, सरकार जब भी कोई ऐसा कानून बनाती है, जिसके विरोधस्वरूप धरना-प्रदर्शन या फिर गाड़ियों की हड़ताल, दोनों ही स्थितियों में नुकसान व्यापार जगत का होता है लेकिन व्यापारी और उद्यमियों की समस्याओं की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। सरकार को जल्द इस मसले का समाधान करना चाहिए।

विदित हो कि ऑल इंडिया ट्रक चालक संगठन के आह्वान पर कालाअंब में लगभग 500 गाड़ियों के पहिए एक जनवरी से जाम हैं। इससे माल की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

ट्रक चालकों की देशव्यापी हड़ताल का रेणुकाजी में खनन कारोबार पर गहरा असर पड़ गया है। बीते दो दिनों से ट्रकों के पहिये थमे रहने के कारण खनन व्यवसायियों को 20 से 25 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

उधर, रेणुकाजी में खनन कारोबार से जुड़ी इकाइयों का कारोबार प्रभावित होकर रह गया है। कारोबार बंद होने से करीब दर्जन भर खनन इकाइयों के मालिकों को 20 से 25 लाख रुपये की प्रत्यक्ष रूप से हानि हुई है।
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वहीं, डीजल न मिलने के कारण भी वाहनों को खड़ा कर दिया गया है।

खनन अभियंता डीके सिन्हा ने बताया कि नया साल खनन कारोबारियों पर भारी पड़ गया है। बीते दो दिनों में ही ट्रकों के खड़े रहने के कारण 20 से 25 लाख रुपये का प्रत्यक्ष रूप से नुकसान झेलना पड़ है। यदि चालकों की हड़ताल शीघ्र खत्म न हुई तो खनन व्यवसायियों को भी अपना कारोबार समेटना पड़ सकता है।
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