खजूरना पुल के पास दो ट्राले फंसने से सुबह 7:45 से दोपहर 12:30 बजे तक बंद रहा हाईवे
स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों को भी झेलनी पड़ी परेशानी
इसी माह तीसरी बार एनएच हुआ जाम
सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर मंगलवार को भारी ट्रालों के फंसने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। खजूरना पुल के समीप एनएच-07 करीब साढ़े चार घंटे बंद रहा, जबकि गिरि नदी के बांगरण पुल पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। दोनों दोनों जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे सैकड़ों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
चंडीगढ़-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर इसी माह तीसरी बार खजूरना पुल के समीप घंटों यातायात ठप रहा। मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे पुल के पास दो भारी मालवाहक ट्राले सड़क के बीच फंस गए। इससे हाईवे पर पूरी तरह बंद हो गया। करीब साढ़े चार घंटे बाद दोपहर 12:30 बजे मार्ग बहाल हो सका। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।
स्कूल-कॉलेज जाने वाले भी जाम में फंसे
हाईवे पर जाम ऐसे समय लगा, जब सुबह स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के साथ सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाले लोग गंतव्य की ओर निकल रहे थे। स्कूल बसों, एचआरटीसी और निजी बसों समेत अन्य वाहन भी जाम में फंसे रहे। गर्मी और चिलचिलाती धूप में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
अगस्त में एनएच तीसरी बार ठप
खनन सामग्री से लदे भारी वाहनों के कारण अगस्त में एनएच-07 पर जाम की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 8 अगस्त को ओवरलोड ट्राला फंसने से हाईवे करीब छह घंटे तक बंद रहा था। इसके बाद 21 अगस्त को नाहन-मारकंडा के समीप दो भारी ट्रालों के फंसने से करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। मंगलवार को एक बार फिर साढ़े चार घंटे तक हाईवे बंद रहने से लोगों में रोष बढ़ गया है।
तीन से चार किलोमीटर पैदल चले लोग
जाम में फंसे तनिजा, देवेंद्र, शेर सिंह और छात्र भानु समेत अन्य लोगों ने बताया कि दो भारी ट्राले हाईवे के बीच में फंसने के बाद यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई लोगों को जरूरी काम और गंतव्य तक पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यात्रियों ने कहा कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोग घंटों जाम में फंसे रहे। गर्मी में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी और बढ़ गई।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
लोगों का आरोप है कि कालाअंब से पांवटा साहिब तक एनएच-07 पर खनन सामग्री से लदे भारी ट्रालों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी के बावजूद इन वाहनों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। लोगों का कहना है कि ट्रालों के बार-बार फंसने से घंटों हाईवे बंद हो रहा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सिंगल-वे बांगरण पुल पर दो ट्राले खराब, डेढ़ घंटे जाम
पुरूवाला। गिरि नदी पर बने सिंगल-वे बांगरण पुल पर मंगलवार सुबह दो भारी ट्राले खराब होने से करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे से पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मशक्कत के बाद खराब ट्रालों को हटवाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
जाम के कारण रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और अन्य राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों प्रेम सिंह, नरेंद्र, अमरजीत, इमरान, मनोहर, सबीर अहमद और प्रदीप ने कहा कि क्षेत्र की खराब सड़कें और उन पर दौड़ रहे भारी खनन ट्राले लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। कई जगह सड़क धंसने के कारण वाहनों को साइड देते समय भी वाहन फंस जाते हैं, जिससे दोनों ओर जाम लग जाता है।
ट्रालों के काटे चालान
एनएच बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। करीब साढ़े चार घंटे बाद यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया गया। ट्रालों के चालान किए गए हैं।
-एनएस नेगी, एसपी
बांगरन पुल के पास ट्राला खराब होने से लगा जाम। संवाद
बांगरन पुल के पास ट्राला खराब होने से लगा जाम। संवाद