-600 से बढ़कर 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे दाम
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। जिले में तूड़ी के दामों में वृद्धि होने से पशु पालकों को पशु चारे की भारी समस्या पैदा हो गई है। जो तूड़ी 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल में मिल रही थी वह इन दिनों 1200 रुपये तक मिल रही है। ऐसे में पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में संचालित 10 गोशालाओं में 6000 के करीब पशुओं को आश्रय मिला हुआ है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों की तरफ से पशुपालन किया जा रहा है। एकाएक दाम दोगुने तक बढ़ जाने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों की तरफ से गेहूं कटाई के बाद तूड़ी को खरीदकर या अपने खेतों से स्टोर कर लिया जाता है ताकि सालभर यह चल सके। इन दिनों अधिकतर पशुपालकों के पास तूड़ी समाप्त हो चुकी होती है, जिनके पास होती भी है वह कई बार खराब हो जाती है। ऐसे में अब तूड़ी की मांग बढ़ गई है। मांग बढ़ने के साथ ही दामों में भी बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, इस साल धान की फसल में रोग लगने के कारण क्षेत्र में धान का उत्पादन कम रहा। किसानों को धान की फसल से पराली भी कम मिल पाई। उधर, बीते साल गेहूं की फसल में भी रोग लगने से गेहूं की कम पैदावार से तूड़ी भी कम ही मिली थी। इतना ही नहीं करीब तीन महीने चले सूखे के चलते भी चारा कम हुआ है। ऐसे में पशुपालकों को अब पशुओं के चारे के लिए संकट बन गया है। सबसे अधिक समस्या गोशाला संचालकों को उठानी पड़ रही है। यहां अधिकतर पशु तूड़ी पर ही निर्भर रहते हैं। हरा चारा कम ही मिल पाता है। पांवटा और आसपास में इन दिनों हरियाणा के घास व्यापारियों की तरफ से तूड़ी की सप्लाई की जा रही है। मांग बढ़ने पर यह मनमाने दामों पर हो रही है। हालांकि पहले गोशाला में प्रति पशु 700 रुपये मिलता रहा है लेकिन इसे बढ़ाकर सरकार ने 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक कर दिया है। इससे गोशाला संचालकों को कुछ राहत जरूर मिली है।
पशुपालक प्रेमचंद, कमल, नारी राम, योग-ध्यान आदि ने बताया कि पिछले दिनों धान की फसल खराब होने से पशु चारे का संकट पैदा हो गया है। इन दिनों महंगे दामों पर तूड़ी खरीद कर पशुओं का पेट भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दाम बढ़ने के बावजूद एक समस्या यह भी है कि तूड़ी में रेत व मिट्टी आदि मिलाकर वजन बढ़ाने का काम किया जाता है।
श्री सत्य नंदन गोधाम के संचालक सचिन ओबराय ने बताया कि उनकी गोशाला में 60 गायें हैं। पशु चारे को जनता का सहयोग प्राप्त है। इसके अलावा इन दिनों सूखे घास की ज्यादा समस्या है। हरियाणा से तूड़ी लेकर घास की आपूर्ति की जाती है। इन दिनों 1200 रुपये प्रति क्विंटल तूड़ी खरीद करनी पड़ रही, जबकि सीजन में यह 600 के आसपास रहती है।
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