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एक ही कक्षा में सवा सौ बच्चों को बिठाने के लिए कम पड़ गया क्लास रूम

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मोगीनंद स्कूल के एक कमरे में भीड़भाड़ के बीच बैठे जमा दो के बच्चे। संवाद - फोटो : NAHAN
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कालाअंब (सिरमौर)। जिला सिरमौर के कई सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यही हाल औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के साथ सटे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोगीनंद का भी है।
इस पाठशाला में पीटीआई और भौतिक विज्ञान प्रवक्ता के पद रिक्त पड़े हैं, जबकि टीजीटी नॉन-मेडिकल व मेडिकल, शास्त्री (ओटी), प्रवक्ता अंग्रेजी और हिंदी के अतिरिक्त पदों को सृजित किया जाना उतना ही आवश्यक हो गया है। मोगीनंद स्कूल में छठी कक्षा से दसवीं कक्षा तक हर कक्षा को विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक दो विभागों में विभाजित किया गया है। ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन विद्यालय में स्टाफ की कमी के कारण विद्यार्थियों की इतनी बड़ी संख्या को एक ही कमरे में पढ़ाना बड़ी चुनौती बन गया है।
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बारहवीं कक्षा में कला और विज्ञान संवर्ग में कुल सवा सौ विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन विद्यार्थियों को एक ही अंग्रेजी प्रवक्ता पढ़ा रहा है। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विषय के एक और अतिरिक्त प्रवक्ता के पद को सृजित किए जाने की जरूरत है। इसके अलावा कला संवर्ग के लिए भी अतिरिक्त हिंदी प्रवक्ता की दरकार है। विद्यालय में एक शास्त्री अध्यापक को पांच कक्षाओं को पढ़ाना पड़ रहा है। इस वर्ष 600 से ज्यादा विद्यार्थी मोगीनंद स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एक अध्यापक को 100 विद्यार्थियों की संख्या वाली कक्षा को एक ही कमरे में पढ़ाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
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ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों का भविष्य कैसे बनेगा। एसएमसी व अभिभावकों ने विद्यालय में अध्यापकों के पद शीघ्र भरने की मांग की है। शिक्षा उपनिदेशक कर्मचंद ने बताया कि मोगीनंद विद्यालय में अध्यापकों की कमी को जल्द पूरा कर दिया जाएगा। अतिरिक्त पदों को भी पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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