फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: फूलपुर-डोरियोंवाला-शमशेरगढ़ सड़क का काम दो दशक से लटका

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों में रोष
विज्ञापन

तीन किलोमीटर तक हो चुका निर्माण, अब एफआरए की अनुमति का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी

पुरूवाला (सिरमौर)। नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) क्षेत्र के गांवों में सड़क निर्माण की मांग फाइलों में दफन है। पांवटा से मात्र 8 से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डोरियोंवाला गांव भी इस समस्या का दंश झेल रहा है।
लोक निर्माण विभाग की फूलपुर-डोरियोंवाला-शमशेरगढ़ सड़क को लेकर ग्रामीणों का इंतजार दो दशकों से खत्म नहीं हो पाया है। करीब 20 वर्ष पूर्व मुख्य मार्ग बांगरण-शिवपुर के मध्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य तो पूरा कर दिया गया था, लेकिन इसके आगे डोरियोंवाला गांव और शिव मंदिर तक सड़क आज तक नहीं बन पाई है। इस सड़क के निर्माण के बाद यहां बुजुर्गों के लिए पार्क का निर्माण भी प्रस्तावित है।
विज्ञापन

फूलपुर-शमशेरगढ़ के निवासी राम सिंह, सुमेर सिंह, बाला राम, राम कुमार, जगदीश, दिनेश, सोनू, श्याम, मनन शर्मा, प्रदीप, कल्याण सिंह, दर्शन, विक्की, टिंकू, कुशा, नरेश शर्मा, स्वर्ण सिंह, अमरजीत व धर्म सिंह ने बताया कि यह सड़क क्षेत्र के लिए अत्यंत जरूरी है। फूलपुर से सालघाटी होते हुए सड़क आधे गांव तक ही पहुंच पाई है, जबकि किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि, सिंचाई व्यवस्थाएं, पशु चारागाह, विशाल दंगल मैदान, शिव मंदिर, माड़ी, नगर खेड़ा मंदिर, रेशम फार्म सहित कई महत्वपूर्ण स्थान आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इसी क्षेत्र में हर वर्ष गोगा नवमी के अवसर पर दंगल प्रतियोगिता, शिव मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रे, कावड़ मेला आदि अनेक धार्मिक आयोजन होते हैं। इन आयोजनों में दूरदराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन कच्चे और अधूरे मार्ग के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है।
हैरानी की बात यह है कि पूर्व में हिमाचल सरकार में रहे मंत्री, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि भी अपने कार्यकाल के दौरान चार-पांच बार इसी अधूरे कच्चे मार्ग से होकर दंगल में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचे, रिबन काटे गए, लेकिन सड़क निर्माण का सपना साकार नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए पंचायत फूलपुर-शमशेरगढ़ की ओर से वन अधिकार नियम (एफआरए) की अनुमति के लिए फाइल पहले लोक निर्माण विभाग को भेजी गई थी, जिसके बाद यह फाइल वन विभाग के कार्यालय में काफी समय से लंबित पड़ी है। बार-बार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि डोरियोंवाला शिव मंदिर से राजबन आदर्श कॉलोनी तक सड़क निर्माण के लिए वन विभाग शीघ्र अनुमति प्रदान करे, ताकि वर्षों से अटकी इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग पांवटा के सहायक अभियंता रामभज तोमर ने कहा कि मामला एफआरए अनुमति से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि फाइल तैयार कर वन विभाग को भेज दी है। जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी और स्वीकृति प्राप्त होगी, सड़क निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें