किसानों की बढ़ी चिंता
कृषि वैज्ञानिकों का सुझाव, सिंचाई के बाद पानी खेत में न रहनें दे जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
धौलाकुआं (सिरमौर)। पांवटा क्षेत्र में घने कोहरे और धुंध के कारण गेहूं की फसल पर पीला रोग का हमला शुरू हो गया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में लगातार घना कोहरा और शीत लहर जारी है। इसका असर अब गेहूं की फसल पर दिखने लगा है।
यहां एक माह पहले गेहूं की बिजाई के बाद इन दिनों किसान सिंचाई कर रहे हैं। जिन खेतों में अधिक समय तक पानी खड़ा रहा, वहां गेहूं की बढ़वार रुक गई है और फसल पीली पड़ने लगी है। गेहूं की जड़ें भी पीली होने लगी हैं। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण गेहूं की सिंचाई जरूरी बताई जा रही है। दिन भर शीत लहर और धुंध छाए रहने से खेत पीले नजर आ रहे हैं।
कृषि विभाग के अनुसार गेहूं की पहली सिंचाई 22 दिन के भीतर की जानी चाहिए। किसानों का कहना है कि यदि समय पर सिंचाई न की जाए तो उत्पादन प्रभावित होता है, लेकिन सिंचाई करने पर भी गेहूं पीली पड़ने लगी है। किसान देवेंद्र चौधरी, मुकेश कुमार, राम ईश्वर, गोरख राम आदि ने बताया कि जिन खेतों में सिंचाई की गई है, वहां गेहूं में पीलापन दिखाई देने लगा है।
किसानों को इस बात का डर सता रहा है कि इससे पहले धान की फसल 50 प्रतिशत तक रोग की भेंट चढ़ चुकी है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। अब गेहूं की फसल पीली पड़ने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर धौलाकुआं के प्रभारी डाॅ. पंकज मित्तल ने बताया कि किसान सिंचाई के बाद खेतों से अतिरिक्त पानी निकाल दें और एक सप्ताह के भीतर खाद का छिड़काव करें।