श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी पुल और देवताओं के लिए पंडाल तैयार
ददाहू स्थित गिरि नदी से होगा अंतरराष्ट्रीय रेणुकाजी मेले का आगाज
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले में इस मर्तबा कुछ नए परिवर्तन दिखाई देंगे। मेले के आयोजन को लेकर स्थानीय गिरि नदी पर अस्थायी पुल व देवताओं के लिए पंडाल तैयार कर लिया गया है।
22 नवंबर से शुरू होने वाले रेणुका मेले को लेकर जिला प्रशासन सहित सभी विभागों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
गिरि नदी के दोनों छोरों पर अस्थायी पुल स्थापित करके श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा बहाल कर दी गई है।
श्रद्धालु इस पुल से होकर शॉर्टकट मार्ग से मेले में पहुंच सकेंगे। मेले के दौरान सभी वाहनों को भी स्थानीय गिरि नदी किनारे ही पार्क किया जाएगा। इसके साथ ही देवताओं के लिए पंडाल भी गिरि नदी के तट पर ही तैयार किया गया है।
इसे लेकर लोक निर्माण विभाग ने गिरि नदी किनारे एक बड़े भू-भाग को मेले के आयोजन के लिए तैयार कर लिया है। यहीं से ही मुख्य अतिथि देवताओं की रवानगी करेंगे।
इस मर्तबा मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री की बजाय विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया करेंगे। इससे पूर्व भी दो बार विधानसभा अध्यक्ष रेणुकाजी मेले का शुभारंभ कर चुके हैं, जिसमें कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर व भाजपा के डॉ. राजीव बिंदल के नाम भी शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष के नाते तीसरी मर्तबा कुलदीप सिंह पठानिया मेले का उद्घाटन करेंगे।
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मुख्यमंत्री के न आने से उदघाटन और शिलान्यासों पर लगा विराम
अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले में मुख्यमंत्री के न आने से क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास पर विराम लग गया है। मेले में विकासात्मक योजनाओं की घोषणाएं भी इस मर्तबा नहीं हो सकेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण वह मेले के शुभारंभ में शिरकत करने नहीं आ रहे हैं।
इस मर्तबा भी श्री रेणुकाजी मेले के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों करीब आधा दर्जन योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास किए जाने थे। इसमें रेणुकाजी के माइना बाग में नया आईटीआई भवन, सैनधार क्षेत्र के बेचड़ का बाग में नए साइंस ब्लॉक, ददाहू में राजकीय उप राजकोष कार्यालय और गृह रक्षक विभाग की कंपनी कार्यालय भवन का उद्घाटन सहित कई शिलान्यास भी प्रस्तावित थे। इनकी रूपरेखा लोक निर्माण विभाग पहले ही तैयार कर चुका था। इससे क्षेत्र के लोगों को भी निराशा हाथ लगी है।
गिरी नदी किनारे तैयार किया वह भूभाग, जहां देवताओं का पंडाल तैयार किया जाएगा। संवाद