सराहां (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की जन्मस्थली में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला चन्हालग लंबे समय से एकमात्र शिक्षक के सहारे चल रहा है, जिससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार अध्यापक की गैर मौजूदगी में स्कूली बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। इससे यह स्कूल राम भरोसे चल रहा है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में या तो एक और शिक्षक को नियुक्त किया जाए या फिर स्कूल को बंद कर दिया जाए ताकि बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजा जा सके।
बीडीसी सदस्य मोहनलाल, चंद्रदेव आदि ने बताया कि चन्हालग प्राथमिक स्कूल में 30 बच्चे पढ़ते थे जिनमें से 8 बच्चे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बसाहां में पलायन कर चुके हैं। वर्तमान समय में अब स्कूल में मात्र 22 बच्चे रह गए हैं जिनका भविष्य अंधकारमय है। इन बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जो शिक्षक वर्तमान में यहां पर तैनात हैं वह कई बार बेवजह स्कूल से गायब रहता है जिससे स्कूल में सही ढंग से पढ़ाई न होने के कारण स्कूली बच्चे फिसड्डी बन रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जीआर मुसाफिर एवं सीपीएस विनय कुमार को भी अवगत करवाया था जिस पर उन्होंने स्कूल में शिक्षक नियुक्त करने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक स्कूल में किसी दूसरे शिक्षक को नियुक्त नहीं किया गया। इससे स्कूल में पढ़ने वाले 22 बच्चों का भविष्य अंधकार में हैं।
उधर इस संबंध में कार्यवाहक प्रारंभिक खंड शिक्षा अधिकारी केश्वा देवी ने संपर्क करने पर बताया कि इस बारे में रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही स्कूल में दूसरे शिक्षक की तैनाती होगी।