सचित्र-प्रेसवार्ता
सिरमौर में शिक्षकों का हल्ला बोल:
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से लागू की गई क्लस्टर प्रणाली (कंप्लेक्स सिस्टम) के खिलाफ शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ सिरमौर ने इस अधिसूचना को वापस लेने की मांग को लेकर 1 मार्च को जिला मुख्यालय पर एक विशाल आग्रह रैली निकालने का निर्णय लिया है। संघ ने इसके लिए जिला प्रशासन को विधिवत नोटिस सौंपकर अनुमति मांगी है।
नाहन में सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान संघ के जिला प्रधान जय प्रकाश शर्मा और महासचिव चतर सिंह बताया कि प्रदेश कार्य परिषद के निर्णय के अनुसार सिरमौर के प्राथमिक शिक्षक 1 मार्च (रविवार) को सुबह 11 बजे रानीताल पार्क में एकत्रित होंगे, वहां से रैली के रूप में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर 23 सितंबर 2025 की अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग की जाएगी।
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आखिर क्यों विरोध कर रहे हैं शिक्षक
शिक्षकों का मानना है कि सरकार की ओर से थोपा गया यह नया सिस्टम शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर कर रहा है। क्लस्टर सिस्टम के तहत एक स्कूल के प्रधानाचार्य को आसपास के कई स्कूलों का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे शिक्षण कार्य से ज्यादा समय कागजी कार्रवाई और डाटा फीडिंग में बर्बाद हो रहा है। छोटे स्कूलों के संसाधनों को बड़े स्कूलों के साथ साझा करने की नीति से दूरदराज के स्कूलों में सुविधाओं की कमी होने का डर है। क्लस्टरिंग के नाम पर पदों को रेशनलाइज किया जा रहा है, जिससे कई स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के बजाय उन्हें मर्ज किया जा रहा है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में स्कूलों के बीच की दूरी अधिक है। एक क्लस्टर हेड के लिए सभी संबद्ध स्कूलों की निगरानी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यह रैली पूरी तरह से शांतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था के दायरे में होगी। शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों और क्लस्टर सिस्टम की विसंगतियों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
-संवाद