बसाहां स्कूल में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के 10 पद रिक्त, विद्यार्थी परेशान
अध्यापकों के न होने से स्कूल में अब विद्यार्थी प्रवेश लेने में कर रहे आनाकानी
हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार ने भी इसी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की थी
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता समेत करीब दस पद खाली पड़े हुए हैं। इस कारण विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलने पर संशय खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में प्रधानाचार्य, पीटीआई, टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी मेडिकल, लिपिक, वरिष्ठ अधिक्षक, प्रवक्ता हिंदी, प्रवक्ता विज्ञान, व्यवसायिक अध्यापक, कृषि व कंप्यूटर साइंस के अध्यापकों के पद खाली चल रहे हैं। लंबे समय से खाली पड़े पदों के कारण अब स्कूल में बच्चे प्रवेश लेने में भी हिचकिचा रहे हैं।
छात्र-छात्राओं को कई किलोमीटर की दूरी तय करके दूसरे स्कूलों में जाकर शिक्षा ग्रहण करना पड़ रहा है। बता दें कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार ने भी इसी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की थी। दुर्भाग्य से आज यह स्कूल स्टाफ के लिए तरस गया है। स्टाफ पूरा नहीं होने के कारण बच्चे अब यहां प्रवेश लेने से आनाकानी कर रहे हैं। वह इस स्कूल की बजाए दस से 12 किलोमीटर की दूरी तय करके दूसरे स्कूल में जाकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
स्कूल के पीटीए प्रधान हरिद्र सिंह, रमेश दत्त शर्मा, दिनेश शर्मा, दीपक, राजेंद्र दत्त, शमशेर सिंह ने बताया कि इस स्कूल में लाना बांका पंचायत, डिंगर किन्नर व नेहर स्वार पंचायत के गांव के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। पूर्व सरकार ने इस स्कूल में नॉन मेडिकल की कक्षाएं चलाने का निर्णय तो जरूर लिया लेकिन स्टाफ नहीं मिला। अब सरकार ने यहां इस संकाय की कक्षाएं भी बंद कर दी हैं। स्टाफ नहीं होने के कारण बच्चे यहां प्रवेश नहीं ले रहे थे। कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुरेश शर्मा ने बताया कि स्कूल में टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी मेडिकल समेत अन्य अध्यापकों के 10 पद खाली होने के कारण छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खाली पड़े प्रवक्ता व अध्यापकों की सूची उच्च शिक्षा अधिकारी व सरकार को भेजी जाती है।
-संवाद