राजगढ़/शिलाई। जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय (समग्र शिक्षा) ने बीआरसी कार्यालय राजगढ़ और शिलाई में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चिकित्सा मूल्यांकन शिविर लगाए। दोनों शिविरों में चार-चार शिक्षा खंडों से प्री-प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने भाग लिया।
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) चनालोन, पंजाब से आई डॉक्टरों की टीम ने बच्चों की जांच की। शिविरों का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रत्येक शिक्षा खंड के लिए 10 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
डाइट नाहन से योजना की समन्वयक शिवानी थापा ने बताया कि एलिम्को दिव्यांग बच्चों के लिए कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक्स, श्रवण यंत्र, गतिशीलता उपकरण जैसे व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और शिक्षण सामग्री जैसे एमएसआईईडी किट प्रदान करता है। ये उपकरण बच्चों की शारीरिक कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन की गतिविधियों में मददगार साबित होते हैं।