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Sirmour News: बिना गुरु विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलने पर संशय

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विद्यार्थियों को कैसी पढ़ाई मिल रही होगी लगा सकते हैं अंदाजा
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देवराज शर्मा

सराहां (सिरमौर)। शिक्षा खंड सराहां के छह स्कूल बिना अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। इन स्कूलों में अध्यापक न होने के कारण प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर स्कूलों को चलाया जा रहा है।

स्कूल में स्थायी अध्यापक न होने के कारण अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। क्षेत्र के अंतर्गत इन स्कूलों में अध्यापक के पद एक से तीन वर्षों से खाली पड़े हुए हैं। सराहां शिक्षा खंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला राज्यों, प्राथमिक पाठशाला साहनोंल, राजकीय प्राथमिक पाठशाला पट्टा कुफ्फर, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कथाजी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला दधोग चबिगयुलटा व राजकीय प्राथमिक पाठशाला महल प्रीत नगर में कोई भी अध्यापक न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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कोई भी अध्यापक नियमित रूप से न होने के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। यह स्कूल प्रतिदिन प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला राज्यों में 8 छात्र छात्राएं, सहनोल में 2 छात्र-छात्राएं, पट्टा कुफ्फर में 5 छात्र छात्राएं, कथांजी की स्कूल में 14 छात्र छात्राएं, दधोग चबियुलटा स्कूल में 3 छात्र-छात्राएं व महर प्रीत नगर में 17 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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क्षेत्रवासी सुरेश कुमार, रणधीर सिंह, पवन कुमार, राजेंद्र शर्मा, संजीव कुमार रजनीकांत व सोमदत्त ने बताया कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक पाठशाला में कोई भी अध्यापक न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि एसएमसी के माध्यम से कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी व सरकार को प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दधोग चबियुलटा में पिछले तीन साल से कोई भी अध्यापक नहीं है और सहनोंल व पट्टा कुफर में भी पिछले एक साल से अध्यापक नहीं है। नियमित रूप से अध्यापक न होने के कारण बच्चों को मजबूरन दूसरे स्कूलों में बैठना पड़ रहा है। प्राथमिक खंड शिक्षा अधिकारी सराहां बिमला चौहान ने बताया कि शिक्षा सराहां के अंतर्गत आने वाले करीब 6 स्कूलों में कोई भी अध्यापक नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए प्रतिनियुक्ति पर अन्य स्कूलों से अध्यापकों को भेजा जा रहा है। खाली पड़े पदों की सूची उच्च अधिकारी को भी भेज दी गई है।

संवाद
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