जानकारी के गिरिपार क्षेत्रों के अलावा सीमावर्ती शिमला, उत्तराखंड में इन दिनों माघी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। लेकिन सिरमौर के लोगों को दो बड़े हादसों ने झकझोर कर रख दिया है। कविता पत्नी लोकेंद्र व तृप्ता पत्नी नरेश माघी पर्व पर अपनी मां इंद्रा देवी के घर परिवार के साथ पहुंची थीं। रात को घर में माघी पर्व पर जश्न का माहौल था। इस दौरान इंद्रा देवी, उसका बेटा विक्रम मेहमानों की आवभगत कर रहे थे। तृप्ता निवासी गांव टपरोली अपने पति नरेश व बेटे सूजल के साथ, जबकि कविता निवासी गांव विजर देवत, शिमला अपने पति लोकेंद्र, बेटियों कृतिका (5) व सारिका (13) तथा बेटे कृतिक (3) के साथ जश्न मना रहे थे।
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रात को करीब ढाई बजे इंद्रा देवी ने मकान में धुआं उठते हुए देखा। जैसे ही वह बाहर निकली और लोगों को बुलाने लगी तभी पूरे मकान को आग ने अपने आगोश में ले लिया। उसे अंदर मकान में सोए हुए अपनी बेटियों, दामाद व नातियों को बाहर निकालने का भी समय नहीं मिला। इस दौरान मकान में रखे गैस सिलिंडर फट गए और आग और भड़क गई। मौके पर तीन बच्चों कृतिका (5), सारिका (13) व कृतिक (3) सहित कविता, तृप्ता व नरेश जिंदा जल गए। लोकेंद्र को स्थानीय निवासी ने खिड़की से किसी तरह बाहर निकाला। वह बुरी तरह से झुलस गया है। गोशाला में बंधे पशु भी जिंदा जल गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके का दौरा किया गया है। जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। कुछ मृतकों के अवशेष मिले हैं। मामले में जांच की जा रही है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। जांच के बाद ही सही कारणों का पता चल सकेगा। -एनएस नेगी, एसपी सिरमौर