साथ आए रिश्तेदार उसे बार-बार ढाढ़स देकर चुप करवाते रहे, लेकिन थोड़ी देर बाद वह फिर रोना शुरू कर देता। चिकित्सकों से भी बार-बार छुट्टी देने का आग्रह करता रहा। जिला सिरमौर के विधानसभा क्षेत्र रेणुकाजी की पंचायत घंडूरी के गांव तलांगना में हुए भीषण अग्निकांड में लोकेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे काल का ग्रास बन गए। इसके बाद से वह सदमे में है।
रिश्तेदार ने बताया कि आग लगने के बाद लोकेंद्र ने कमरे में धुआं देखा। इसके बाद अपनों को बचाने के लिए आवाजें तक लगाईं। सिलिंडरों में भी धमाके हो गए। इसके बाद लोकेंद्र भी आग की लपटों में घिर गए। इससे वह भी झुलस गए। हादसे में लोकेंद्र की पत्नी कविता (36) निवासी गांव कुमड़ा जिकनीपुल नेरवा और दो बेटियां कृतिका (13) और सारिका (13) की मौत हो गई। वहीं, लोकेंद्र के बेटे कृतिक की भी जान चली गई है। इसके बाद से लोकेंद्र बच्चों को याद कर रहा है।
नौहराधार में केवल मरहमपट्टी देकर रेफर कर दिया सोलन
सिरमौर के विधानसभा क्षेत्र रेणुकाजी की पंचायत घंडूरी के गांव तलांगना में आग की लपटों से लोकेंद्र 16 फीसदी तक झुलस गए हैं। हाथ, पांव, सिर, मुंह और घुटनों में बर्न हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहराधार से लोकेंद्र (42) को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन सुबह 9:00 बजे पहुंचाया। सर्जरी और ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने जांच की। इसके बाद सर्जरी वार्ड में भर्ती किया है।
रिश्तेदारों ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहराधार में केवल मरहमपट्टी देकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद झुलसे व्यक्ति को जलन से कराहते हुए करीब तीन से चार घंटे का रास्ता तय कर क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया। मरीज को 3:30 बजे चिकित्सकों ने छुट्टी दी। व्यक्ति बार-बार घर जाने की जिद कर रहा था। तहसीलदार सोलन और कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोलन सुभाष वर्माणी भी अस्पताल पहुंचे और व्यक्ति से बातचीत की।
सिरमौर में हुए अग्निकांड में झुलसे एक व्यक्ति को वीरवार सुबह 9:00 बजे क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया। यहां पहुंचते ही व्यक्ति का चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। व्यक्ति खतरे से बाहर है। मरीज के आग्रह पर चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी है। -
डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन।