नाहन (सिरमौर)। फर्स्ट एचपी इंडीपेंडेंट कंपनी एनसीसी नाहन और अमर उजाला ने संयुक्त रूप से डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन के ब्लड बैंक में रविवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया। एनसीसी की 75वीं वर्षगांठ पर हुए इस शिविर का शुभारंभ कर्नल राजीव शर्मा ने किया।
उन्होंने रक्तदान करने वाले युवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर एक-एक जिंदगी बचाने जा रहे हैं। रक्तदान के लिए सभी को आगे आना चाहिए। रक्तदान शिविर सुबह ठीक 10:30 बजे शुरू हुआ। इस दौरान कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान करके पुण्य कमाया। शिविर में कुल 31 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। रक्त का महादान करने वालों में एनसीसी कैडेट सहित अन्य लोग शामिल रहे।
इस मौके पर सूबेदार नरेश कुमार, सूबेदार उधम सिंह, हवलदार ओमदत्त, हवलदार इरशाद अली, हवलदार बलदीप सिंह, हवलदार सुखबादल सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. निशी जसवाल, राजेश शर्मा और इंद्र सिंह मौजूद रहे।
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शिविर में इन लोगों ने किया रक्त का महादान
रक्तदान करने वालों में सूबेदार उधम सिंह, राजेश पंवार, विशाल शर्मा, मोहित, तान्या तोमर, शीतल चौधरी, हिमांशु, पंकज, मानशी शर्मा, अमन, गौरव ठाकुर, काजल, नीरज शर्मा, सुमित कुमार, राजेश चौहान, आकांक्षा, लीना शर्मा, पृथ्वी गुरंग, अनूप थापा, निखिल, सौरभ, अनूप, शिव कुमार, रोहन शर्मा, शालिनी, किशोरी शर्मा, नरेश कुमार, हिमांशु, मदन सिंह, इरशाद अली, सुखविंद्र सिंह शामिल रहे।
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किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म : रक्तदाता
1. सूबेदार नरेश कुमार ने कहा कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है। जरूरतमंद व्यक्ति को खून देने के लिए सभी को आगे आना चाहिए।
2. पहली बार रक्त दे रही बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा तान्या तोमर ने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरा खून किसी जरूरतमंद के काम आ सकेगा। मैं आगे भी रक्तदान जरूर करूंगी।
3. पहली बार रक्त दे रहे संस्कृत कॉलेज के छात्र पंकज ने कहा कि जरूरतमंद के लिए हमेशा काम आना चाहिए। मैंने पहली बार रक्त दान किया है।
4. छठी बार रक्तदान कर रहे सूबेदार उधम सिंह ने कहा कि खून नालियों में नहीं नाड़ियों में बहना चाहिए। मुझे खुशी है कि मेरे खून से एक जिंदगी बचेगी।
5. बीए प्रथम वर्ष की छात्रा रोहिणी कपूर ने कहा कि मेरी इच्छा खून देने की थी लेकिन एचबी कम होने से खून नहीं लिया गया। मुझे उम्मीद है मैं आगे रक्त दे पाऊंगी।
6. बीए तृतीय वर्ष के छात्र नमन ठाकुर ने कहा कि पहली बार मुझे रक्त देने का यह अवसर मिला। आज रक्तदान कर असीम संतुष्टि मिल रही है।