ढांग रोहाणा स्कूल दो शिक्षकों के भरोसे
दिन के 6 पीरियड पढ़ाने की ड्यूटी, 35 पीरियड का कर रहे संचालन
नियमित शिक्षकों के तबादले के बाद दो एसएमसी शिक्षक चला रहे स्कूल
ढांग रोहाणा पाठशाला में एक साथ संचालित करनी पड़ रही दो-दो कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढांग रोहाणा दो एसएमसी शिक्षकों के भरोसे चल रही है। इस स्कूल में कार्यरत सभी नियमित अध्यापकों का एक-एक करके तबादला हो चुका है। आठ महीने से ये स्कूल अब दो महिला शिक्षकों के सहारे चल रहा है।
आसानी से समझा जा सकता है कि यहां दाखिला ले चुके 81 बच्चों को कैसी पढ़ाई नसीब हो रही होगी और मामूली वेतन में कार्य कर रहे एसएमसी शिक्षकों को किस तरह मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा होगा।
स्कूल में पढ़ाई की बात करें तो हिंदी व अंग्रेजी की ग्रामर पढ़ाने के लिए यहां तीन-तीन कक्षाओं का संचालन एक साथ करना पड़ रहा है। स्कूल में एसएमसी पर तैनात दो टीजीटी अध्यापिकाओं को रोजाना सात विषयों के 35 पीरियड लेने पड़ रहे हैं। नियमानुसार एसएमसी अध्यापकों की डयूटी रोज के 6 पीरियड पढ़ाने की है लेकिन इनको छठी से दसवीं तक के सभी नौ विषयों की पढ़ाई बच्चों को करवानी पड़ रही है।
सनद् रहे कि पूर्व सरकार ने इस स्कूल को उच्च पाठशाला से स्तरोन्नत करके वरिष्ठ स्कूल का दर्जा दे दिया है लेकिन यहां शिक्षक न होने के कारण जमा एक और जमा दो के सभी बच्चे पलायन कर चुके हैं।
पिछले आठ महीने से पहले यहां से शास्त्री, कला अध्यापक, भाषा अध्यापक, टीजीटी आर्ट्स, शारीरिक अध्यापक तबादला कर जा चुके हैं। अब यहां दो एसएमसी अध्यापिकाएं ही शेष हैं, जो किसी तरह सभी कक्षाओं का संचालन कर रही हैं। इसके अलावा स्कूल का पत्राचार और कार्यालय के सभी प्रकार के कार्यों का भार भी इनके ही कंधों पर है।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक कर्मचंद धीमान ने बताया कि स्कूल में रिक्त पड़े पदों की सूची उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
-संवाद