प्राचीन और ऐतिहासिक श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से लगा श्रद्धालुओं का तांता
शिवालयों में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं भांग अर्पित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सावन को भगवान शिव की आराधना का विशेष माह माना जाता है। मंगलवार को प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री पातालेश्वर समेत महादेव मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मौसम खराब होने के बावजूद भारी संख्या में श्रद्धालु सावन माह की शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए पहुंचे। शिव मंत्रों का जप और शिवलिंग पर पवित्र गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं भांग अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पातालेश्वर मंदिर समिति के प्रधान दाता राम चौहान, महामंत्री लक्ष्मी रत्न अत्री, विनय गोयल, गुरु चरण सिंह और प्रचार मंत्री धर्मवीर सिंह राठौर, नरेश शर्मा, रमेश शर्मा, राजपाल शर्मा, रामकिशन शर्मा और पंकज शर्मा ने बताया कि सावन माह की महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजन को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दौरान यहां पर पवित्र गंगानगरी हरिद्वार, गोमुख, यमुनोत्री इत्यादि से गंगाजल अपनी कावड़ में भरकर शिव भक्तों ने श्री पातालेश्वर महादेव जी को भक्ति भाव सहित अर्पित किया गया।
ऐसी मान्यता है कि सावन की महाशिवरात्रि के दिन विधि-विधान से महादेव का पूजन, रुद्राभिषेक और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही जीवन के कष्ट दूर होते हैं। विशेष रूप से अविवाहित लोगों को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में सुख-शांति और कॅरिअर और आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
यहां के प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर ग्राम पातलियों, बद्रीपुर , बांगरन, तारूवाला, बेहड़ेवाला, राजबन, समेत शिवालयों मंगलवार को श्रावण मास की महा शिवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। मंगलवार को सावन शिवरात्रि पर श्रद्धालु रात्रि जागरण, शिव मंत्रों का जप और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं भांग अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे हैं। इस दौरान मंदिर समिति की ओर से विशाल भंडारे का भी आयोजन सुचारू रूप से चला रहा। शंकर भगवान को यहां पर शिव भक्तों ने हजारों-हजारों की संख्या में गंगाजल अर्पित किया।
उत्तराखंड हरियाणा पंजाब दिल्ली उत्तर प्रदेश इत्यादि के शिव भक्त भी यहां पर पहुंचकर श्री पातालेश्वर महादेव जी को गंगाजल अर्पित किया। पांवटा साहिब के शिवालयों में मंदिर समिति द्वारा शिव भक्तों के भोजन प्रसाद जलपान और आराम करने के लिए व्यवस्था की गई थी ।-