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Sirmour News: आरटीआई अपील में देरी के लिए एसडीएम नाहन को आयोग की चेतावनी

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तय समयसीमा के भीतर पहली अपील को संबोधित करने में विफल रहने पर की कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने राज्य मुख्य सूचना आयुक्त आरडी धीमान के नेतृत्व में आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत निर्धारित समयसीमा के भीतर पहली अपील को संबोधित करने में विफल रहने के लिए प्रथम अपीलीय अधिकारी यानी एसडीएम नाहन को चेतावनी जारी की है। ऋषि लाल की ओर से दायर अपील त्रिलोकपुर मौजा में लंबित सीमांकन न्यायालय के मामलों के बारे में जानकारी मांगते हुए दायर की गई थी।
12 जून 2024 को अपना आरटीआई आवेदन और 15 जुलाई 2024 को पहली अपील दायर करने के बावजूद ऋषि लाल को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे उन्हें राज्य सूचना आयोग के समक्ष दूसरी अपील दायर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 10 अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान तहसीलदार नाहन के कार्यालय से जन सूचना अधिकारी ने आयोग को सूचित किया कि मांगी गई जानकारी फील्ड राजस्व एजेंसी से एकत्र की गई थी। इसलिए 28 सितंबर 2024 को अपीलकर्ता को प्रदान की गई थी। देरी का कारण स्टाफ का फील्ड वर्क के लिए लगातार दौरा करना था। आयोग ने सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की अनुपस्थिति पर ध्यान दिया, जिससे यह पता लगाना असंभव हो गया कि आपूर्ति की गई जानकारी के संबंध में कोई शिकायत बनी हुई है या नहीं। हालांकि, आयोग ने आरटीआई अधिनियम की धारा 19(6) में 30 से 45 दिनों की अनिवार्य अवधि के भीतर पहली अपील की सुनवाई और निपटान न करने में एफएए की चूक पर कड़ा संज्ञान लिया।
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अपने आदेश में राज्य सूचना आयोग ने स्पष्ट रूप से एसडीएम नाहन को भविष्य में और अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी। आयोग ने कहा कि एसडीएम नाहन के समय पर हस्तक्षेप से मामले को आयोग तक बढ़ने से रोका जा सकता था और अपीलकर्ता को सूचना का शीघ्र प्रावधान सुनिश्चित किया जा सकता था।

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