11वीं पुण्यतिथि पर याद किए महात्मा गोविंद मुनि, सैकड़ों ने दी श्रद्धांजलि
तप और साधना के बल पर रेणुकाजी में जगाई थी आध्यात्म की अलख : रेणेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। श्री रेणुकाजी तीर्थ के महान संत और निर्माण आश्रम के पूर्व महंत संत शिरोमणि महात्मा गोविंद मुनि निर्माण की 11वीं पुण्यतिथि शनिवार को बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से महात्मा गोविंद मुनि निर्माण की यादों को ताजा करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता करते हुए निर्वाण आश्रम के संचालक और महंत महात्मा रेणेंद्र मुनि ने कहा कि ब्रह्मलीन महात्मा गोविंद मुनि ने अपनी तप साधना के बल पर अनेकों सिद्धियां प्राप्त करके इस तीर्थ में आध्यात्म की अलख को जगाया था।
संत समाज में उनकी कमी सदैव खलती रहेगी। उनकी यादें व कर्म इस तीर्थ के कण-कण में आज भी विद्यमान है। इससे पूर्व महात्मा गोविंद मुनि निर्माण की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा और जलाभिषेक करके श्रद्धांजलि सभा का विधिवत व मंत्रोच्चारण के बीच शुभारंभ किया गया।
इस दौरान भक्ति गीत, संगीत व सत्संग के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर महात्मा गोविंद मुनि निर्माण के शिष्य और उनके अनुयाइयों सहित अनेकों संत-महात्मा और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।