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Sirmour News: सांख्यिकी को बताया सूचित निर्णयों की रीढ़

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डिग्री कालेज ददाहू में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी  में भाग लेने वाले वक्ता व विद्यार्थी। संवाद
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डिग्री कॉलेज ददाहू में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी

ददाहू (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय ददाहू में हिमाचल प्रदेश सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के सहयोग से आंकड़ों से निर्णय तक : सांख्यिकी के माध्यम से युवाओं का सशक्तीकरण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने छात्रों को डाटा के महत्व और उसके व्यावहारिक उपयोगों से अवगत कराया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सांख्यिकी सूचित निर्णय लेने की रीढ़ है और वर्तमान समय में डाटा साक्षरता का ज्ञान युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत व राष्ट्रीय विकास के लिए आंकड़ों की समझ विकसित करें।
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संगोष्ठी के प्रथम सत्र में वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. एमआर चौहान ने वास्तविक जीवन में सांख्यिकी का उपयोग विषय पर व्याख्यान देते हुए दैनिक जीवन में डाटा के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। वहीं अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर अशोक कुमार ने सरकारी कामकाज में सांख्यिकी शब्दावली की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

संगोष्ठी का संचालन संयोजक डॉ. एमआर चौहान, सह-संयोजक नीलम कुमारी तथा टीम सदस्य दिनेश कुमार व रमेश कुमार ने किया। द्वितीय सत्र में पीजी कॉलेज नाहन से आए वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफेसर कमल सिंह डोगरा और अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर डॉ. रविकांत ने वास्तविक दुनिया में सांख्यिकी के अनुप्रयोग और विभिन्न सरकारी योजनाओं के पीछे डाटा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
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दिल्ली विश्वविद्यालय से आए डॉ. सर्वेश्वर ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में डाटा साक्षरता और सुशासन के संबंध पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. सुरम्या गुसाईं और प्रो. बबीता मेहता का विशेष योगदान रहा। संवाद
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