-नासा, इसरो के विशेषज्ञों समेत 400 प्रतिभागियों के जुड़ने की उम्मीद
-कॉलेज के भूगोल विभाग के तत्वावधान में आयोजित होगा कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन के भूगोल विभाग की ओर से 23 फरवरी हिमालयी पर्यावरणीय मुद्दे और आपदा जोखिम बहुविषयक दृष्टिकोण विषय पर एक वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सिरमौर जिले में इस प्रकार का यह पहला आयोजन होगा, जिससे शैक्षणिक, वैज्ञानिक और नीति निर्धारण से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।
सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 400 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इनमें शिक्षक, शोधार्थी, पेशेवर और विद्यार्थी शामिल होंगे, जो भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। सम्मेलन बहुविषयक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ हिमालयी पर्यावरण और आपदा जोखिम प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग का मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में नासा, इसरो, कनाडा, इक्वाडोर, जर्मनी और थाईलैंड के वर्चुअल वक्ता अपने विचार साझा करेंगे।
इस दौरान जलवायु परिवर्तन, हिमनद, क्षेत्रीय जलवायु परिवर्तन, जल सुरक्षा, चरम मौसम और उच्च-ऊंचाई वाले वायुमंडलीय अध्ययन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त भूस्खलन, भूकंपीय खतरे, ग्लेशियर झील विस्फोट, आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों और चेतावनी प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विशेषज्ञ विचार रखेंगे। कार्यक्रम सुबह 9 बजे शुरू होगा। इसमें मुख्य भाषण, तकनीकी प्रस्तुतियां, इंटरएक्टिव सत्र और पैनल चर्चा आयोजित की जाएंगी।
बाक्स
आयोजन को लेकर बैठक
कार्यक्रम को आयोजन को लेकर शनिवार को महाविद्यालय में बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. विभव शुक्ला ने की। इस दौरान विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डॉ. देवराज शर्मा, प्रोफेसर धनवंती, डॉ. विवेक नेगी, प्रो. भारती, प्रो. सुदेश, प्रो. रविकांत, डॉ. जयचंद और डॉ. सलोनी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन संस्थान की शैक्षणिक परंपरा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
संवाद