आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण और समय सारणी के अनुसार संचालन के दिए निर्देश
नाहन में सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरुणा महाजन ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरुणा महाजन ने नाहन में शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। बैठक में सिरमौर जिले में जन्म के समय लिंग अनुपात दर बढ़कर 1018 होने की जानकारी दी गई, जो पिछले वर्ष 957 थी।
महाजन ने बताया कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और सशक्तीकरण है। इसका लक्ष्य बालिकाओं को शोषण से बचाना और उन्हें भय मुक्त वातावरण देना है। गुड़िया हेल्पलाइन 1515 आपातकालीन सेवाओं के साथ त्वरित सहायता और परामर्श प्रदान करती है। यह बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण भी देती है। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने सिरमौर जिले में मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना की प्रगति भी जानी।
आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण और नशा मुक्ति अभियान
महाजन ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण और समय सारणी के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कार्य समय के दौरान वर्दी में रहने के निर्देश भी दिए। उपाध्यक्ष ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाई जाए। इसका उद्देश्य धरातल स्तर पर नशा मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करना है।
विभागीय प्रगति और लिंग अनुपात में सुधार
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने उपाध्यक्ष का स्वागत किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। पवन कुमार ने बताया कि जिले में 1486 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों से 12617 गर्भवती और धात्री महिलाओं को सेवाएं मिल रही हैं। 06 माह से 06 वर्ष तक के 26,533 बच्चों को पोषाहार सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत लिंग अनुपात में सुधार की जानकारी दी। गत वर्ष यह दर 957 थी, जो इस वर्ष बढ़कर 1018 दर्ज हुई है। यह दर देश और प्रदेश की तुलना में अधिक है। बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी और बाल संरक्षण अधिकारी रमा रेक्टा भी उपस्थित थीं।