गनोग-घाटों सड़क पर उखड़ी टारिंग दिखाता एक युवा ग्रामीण।
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संगड़ाह (सिरमौर)। बरसात में गनोग से घाटों सड़क पर टारिंग का कार्य जारी है। हैरानी की बात है कि आगे टारिंग का काम चल रहा है और पीछे सड़क उखड़ रही है। हालांकि, इसके बारे में ग्रामीण विभाग को भी अवगत करा चुके हैं लेकिन, संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने सात किलोमीटर लंबी सड़क पर इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। बुधवार को घाटों इलाके के कई ग्रामीणों ने सड़क की वीडियो भी वायरल की। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री की शिकायत मेरी सड़क ऐप के माध्यम से सरकार को भेज दी है। घाटों और गनोग गांव के ग्रामीण जगदीश चंद, मनोज, अमित, रघुवीर सिंह, अंकित, कृष्ण दत्त, वेद प्रकाश, विजय वशिष्ठ, नरेश कुमार और अनिल ने बताया कि सड़क उखड़ रही है। तारकोल से अलग छंट रही बजरी के चलते सड़क पर टारिंग का कोई फायदा नहीं हो रहा है। इससे सड़क पर हादसों की आशंका बनी हुई है। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पहले भी विभाग को अवगत कराया जा चुका है। सड़क पर सरकार 4.17 करोड़ का बजट खर्च कर रही है। बावजूद इसके निर्माण सामग्री सही नहीं लगाई जा रही है। ऐसा ही रहा तो कुछ समय के भीतर ही यह सड़क पूरी तरह उखड़ जाएगी। साथ ही मौसम भी टारिंग के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे बन रही जल निकासी नाली के साथ-साथ डंगों के निर्माण में भी घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। पहले भी विभाग ने इस निर्माण सामग्री को रिजेक्ट किया था। फिर भी इसी सामग्री से डंगों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इसकी जांच की मांग उठाई है। उन्होंने विभाग को चेताते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीण विभाग का घेराव करेंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।
उधर, विभाग के एक्सईएन रामरतन शर्मा ने बताया कि सड़क का कार्य बरसात में बंद करवाया गया है। जहां तक निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की बात है तो पीएमजेएसवाई की टीम भी इसे परख चुकी है, जिसे बेहतर बताया गया है। सड़क का कार्य ए ग्रेड ठेकेदार को दिया गया है। फिर भी यदि सड़क उखड़ रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी।