कालाअंब और पांवटा साहिब में जलभराव से लोगों को परेशानी, जटौन बैराज के दो गेट खोले
बारिश से लोक निर्माण, जलशक्ति और बिजली बोर्ड को 8.32 करोड़ से अधिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/रोनहाट/सतौन/नैनाटिक्कर (सिरमौर)। जिले में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। 71 सड़कें बंद, 23 पेयजल योजनाएं ठप हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में खतरे की स्थिति बनी हुई है। कालाअंब और पांवटा साहिब में जलभराव के कारण लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गिरि नदी का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जटौन बैराज के गेट नंबर चार को सुबह 8:20 बजे तथा गेट नंबर पांच को सुबह 10:20 बजे खोलकर पानी छोड़ा। बारिश का सबसे अधिक असर सड़क नेटवर्क पर पड़ा है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में 71 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बंद हो गई हैं।
इनमें संगड़ाह मंडल की 22, शिलाई की 25, नाहन की 20, राजगढ़ की दो और पांवटा साहिब मंडल की दो सड़कें शामिल हैं। वहीं, जलशक्ति विभाग को भी भारी नुकसान हुआ है। विभाग की 23 पेयजल योजनाएं और पांच सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें नाहन मंडल की 11 और नौहराधार मंडल की 17 योजनाएं शामिल हैं। कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश के चलते नाहन-कुमारहट्टी एनएच 907ए पर जगह-जगह मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित रहा। रेणुकाजी दोसड़का से चबाहां तक भारी मात्रा में पत्थर सड़क पर आ गए। वहीं पानी से गहरी खाइयां भी बनीं। पांवटा-शिलाई एनएच और चंडीगढ़-देहरादून एनएच पर भी आवागमन में दिक्कतें रहीं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बारिश से लोक निर्माण विभाग को लगभग 5.70 करोड़ रुपये, जलशक्ति विभाग को 2.40 करोड़ रुपये, विद्युत बोर्ड को 21.95 लाख रुपये और एक आवास को आंशिक नुकसान होने से 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। कुल मिलाकर जिले में अब तक करीब 8.32 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। उधर, भारी बारिश से त्रिलोकपुर मंदिर की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा ढह गया।
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उद्योग में दूसरी बार घुसा बाढ़ का पानी, लाखों के नुकसान की आशंका
कालाअंब। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के भंडारीवाला स्थित इंडो हर्बल एक्सट्रैक्शंस उद्योग में मंगलवार को दूसरी बार बाढ़ का पानी घुस गया। उद्योग प्रबंधन के अनुसार एक स्थानीय व्यक्ति की ओर से प्राकृतिक बरसाती नाले का रास्ता अवरुद्ध किए जाने से बारिश का पानी सीधे उद्योग परिसर में प्रवेश कर रहा है। जलभराव से मशीनरी, कच्चे माल और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है, जबकि उत्पादन कार्य भी प्रभावित हुआ है। लघु उद्योग भारती कालाअंब के महासचिव एवं प्रभावित उद्योग संचालक डॉ. डी. सिंह ने बताया कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बावजूद प्राकृतिक जल निकासी बहाल नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी बारिश में नुकसान और बढ़ सकता है। उधर, एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अदालत के अगले आदेश के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
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बरसाती खड्ड का पानी दो घरों में घुसा, परिवारों में दहशत
धौलाकुआं। लगातार भारी बारिश के कारण ग्राम पंचायत रामपुर मारा की दीवार बस्ती में बरसाती खड्ड का पानी दो घरों में घुस गया। इससे घरों में रखा सामान भीग गया और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाकर जान बचानी पड़ी। प्रभावित महिलाओं सुनीता देवी और करिश्मा देवी ने बताया कि पिछले वर्ष भी उनके घरों में पानी भर गया था। उस समय प्रशासन ने सुरक्षा उपाय करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में और अधिक बारिश हुई तो खड्ड के किनारे बने मकानों को बड़ा खतरा हो सकता है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पटवारी शीतल ने मौके का निरीक्षण किया और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया।