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जिले में कहीं घर टूटे, कहीं गोशालाएं धवस्त, सड़कें बन गईं तालाब

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ददाहू-संगड़ाह मार्ग पर मलबा हटाने में लगाई जेसीबी। - फोटो : NAHAN
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नाहन/पुरुवाला/संगड़ाह/सतौन/पांवटा साहिब (सिरमौर)। जनपद में भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कहर के बीच जिले के निचले हिस्सों की सड़कें तालाब बन गई हैं, जिनसे गुजरने काफी जोखिम भरा हो गया है। बारिश से हुए भूस्खलन के चलते कहीं घर क्षतिग्रस्त हुए तो कहीं गौशालाएं ढह गईं। बारिश से एक मवेशी की भी मौत हुई है।
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गिरि नदी के उफान पर आने से जटोन बैराज के गेट खोल दिए गए हैं। इससे गिरि नदी उफान पर आ गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी के आसपास नहीं जाने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को जिलेभर में सुबह के समय 64 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। दोपहर तक विभाग ने 45 सड़कों को आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। अभी भी जिले में एक दर्जन के करीब सड़कें अवरुद्ध हैं। इससे लोक निर्माण विभाग को एक करोड़ 36 लाख का नुकसान पहुंचा है।
जिले से गुजरने वाले एनएच को भी भूस्खलन से एक करोड़ 32 लाख 83 हजार का नुकसान हुआ है। राजगढ़-नौहराधार सड़क पर कंडानाला में बुधवार को फिर भारी उफान पर रहा। इस बीच एक कैंटर नाले के बहाव के बीच फंस गया, जिसके चालक को जेसीबी मशीन और लोगों की सहायता से बाहर निकाला गया। इस दौरान घंटों दर्जनों वाहन सड़क के दोनों तरफ फंसे रहे। हरिपुरधार में प्रेम सिंह का कच्चा मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया। कमरऊ तहसील में चमेल सिंह की गोशाला ढहने से एक मवेशी की मौत हो गई। जबकि, चार घायल हैं। मुगलांवाला-करतारपुर के गांव करतारपुर में मोहन लाल की गोशाला भारी बारिश के चलते पूरी तरह ढह गई लेकिन मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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पुरुवाला चौक पर बुधवार को बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसके चलते पुरुवाला चौक से पांवटा की मुख्य सड़क नदी बन गई। बरसाती पानी लोगों के घरों और खेतों में घुस गया। कुछ समय के लिए इस सड़क पर दो पहिया समेत छोटे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
बुधवार को संगड़ाह उपमंडल में एक दर्जन मार्ग बारिश के चलते अवरुद्ध हो गए। संगड़ाह-ददाहू मार्ग 20 घंटे तक बाधित रहा। इसके अलावा लानाचेता, सैर तंदूला, बोगधार-शामरा, कोटीधिमान, सोलन-मिनस, डलयाणू-पियुली लाणी-नेनीधार, कोरग-बड़ोला, खैरी-लानाचेता, सुंदर घाट-शिवपुर, अंधेरी-ऊंचा टिक्कर, टिकरी आदि मार्ग अवरुद्ध पड़े हैं। संगड़ाह-ददाहू मार्ग खड़कोली के समीप हुए भारी भूस्खलन के कारण मंगलवार शाम करीब पांच बजे अवरुद्ध हो गया था, जिसे विभाग ने बुधवार दोपहर बाद यातायात के लिए बहाल किया।
उधर, पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे पर बुधवार को मूसलाधार बारिश होने से जगह-जगह पर भूस्खलन हुआ जिस कारण सड़क दो तीन जगह पर बंद हुई। सतौन के समीप चिलौन और कच्ची ढांक के पास भूस्खलन से बसें और सैकड़ों छोटी गाड़ियां घंटों फंसी रहीं। एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि नेशनल हाईवे सतौन के पास कच्ची ढांक में भूस्खलन होने से बंद हो गया था जिसे कंपनी ने मशीनें लगाकर 12 बजे को खोल दिया।
शिलाई उपमंडल में बारिश से ग्राम पंचायत बकरास के फेडोग गांव में एक मकान का लेंटर टूट गया। इससे साधु राम के मकान के ऊपर भारी मलबा आने से लेंटर टूट गया। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी माजरा के गेट के साथ एक विशालकाय पीपल का पेड़ छत पर गिर गया। हालांकि, छत के सहारे पेड़ गिरने से जान माल की हानि होने से बच गई।
उधर, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता वीएन पराशर ने बताया कि विभाग सड़कों को बहाल करने में जुटा है। विभाग को चंद घंटों की बारिश से करोड़ों का नुकसान पहुंचा है। बंद सड़कें आवाजाही के लिए खोली जा रही हैं।
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