संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सेवानिवृत्त अध्यापक संघ ने सरकार से मेडिकल बिलों के भुगतान और डीए (महंगाई भत्ते) की बकाया किस्तों को जल्द जारी करने की पुरजोर मांग की है। संघ के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।
सेवानिवृत्त अध्यापक संघ के प्रधान दिलीप वर्मा, नीमा कौंडल, शिव गुरुदेव, विजय तोमर, ओम लता कालरा, श्याम चंद, संत राम शर्मा, तेजू राम, सुंदर लाल सैनी, यशपाल, छवि राम, प्रेमपाल चौहान और प्रो. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने मांग की है कि लंबित मेडिकल बिलों और डीए का भुगतान अविलंब किया जाए।
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इलाज के अभाव में बुजुर्ग अध्यापक बेहाल
संघ ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि नाहन चौगान में आयोजित मुख्यमंत्री के स्वागत समारोहों में तो हजारों लोग शामिल होते हैं, लेकिन सेवानिवृत्त अध्यापकों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। संघ के कई सदस्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और कुछ तो बिस्तर पर पड़े हैं। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अस्पताल के बजाय घर पर ही दवाइयां खाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
हालत की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संत राम शर्मा के करीब 40 हजार रुपये के मेडिकल बिल लंबे समय से शिक्षा विभाग में लंबित पड़े हैं, लेकिन बार-बार आग्रह के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया, तो वे अपनी रणनीति तेज करेंगे। इसके साथ ही मार्च माह में प्रेम कश्यप की याद में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगामी चुनाव और संघ की भविष्य की गतिविधियों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
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