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Sirmour News: लंबित मांगें पूरी न होने पर भड़के रेणुका बांध विस्थापित

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रेणुका जी में बांध प्रबंधन के कार्यकारी महाप्रबंधक को ज्ञापन देते रेणुका बांध के विस्थापित। संव
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संवाद न्यूज एजेंसी

संगड़ाह (सिरमौर)। श्री रेणुका बांध जनसंघर्ष समिति की बैठक सोमवार को ददाहू में समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला और महासचिव संजय चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें डूब क्षेत्र से आए विस्थापित ने भाग लिया और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर बांध प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि 18 वर्षों से लगातार मांगें उठाने के बावजूद बांध प्रबंधन विस्थापितों की समस्याओं को नजरअंदाज करता आ रहा है। समिति अध्यक्ष ने कहा कि इतने लंबे समय में भी प्रबंधन गृह विहीन और भूमिहीन परिवारों की पूरी सूची तक जारी नहीं कर पाया है। अब तक केवल 95 परिवारों की सूची जारी की गई है, जबकि वर्ष 2023 में 150 परिवारों की सूची बीडीओ को भेजे जाने के बावजूद उसका कोई अता-पता नहीं है।
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बैठक में यह मुद्दा भी जोर-शोर से उठा कि वर्ष 2011 से दी जा रही मुआवजा राशि अब तक सभी प्रभावितों तक नहीं पहुंची है। विस्थापित परिवारों को यह तक जानकारी नहीं है कि उनकी जमीन, मकान, पशुशाला, फलदार पेड़ों और अन्य संपत्तियों का कितना मुआवजा तय हुआ और उस पर कितना ब्याज मिला। साथ ही अधिवक्ताओं द्वारा वसूली गई फीस को लेकर भी पारदर्शिता का अभाव बताया गया। समिति ने मांग की कि विस्थापितों को समतल और उपजाऊ भूमि खरीदी जाए और किसी बड़े शहर के नजदीक सुव्यवस्थित तरीके से कॉलोनी बनाकर बसाया जाए।

समिति ने यह भी याद दिलाया कि करीब 10 वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के समक्ष इस भूमि की स्थिति रखी गई थी, जिस पर सतर्कता जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बैठक के बाद संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बांध प्रबंधन के कार्यकारी महाप्रबंधक अरुण कुमार से मुलाकात कर अपनी मांगों को विस्तार से रखा और जल्द समाधान की मांग की, जिसपर उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर 150 गृहविहीन परिवारों की सूची जारी की जाएगी।
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बैठक में मुख्य सलाहकार राजकुमार शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, राजेश कुमार, अमरचंद, टीकाराम, हरि प्रकाश, रमेश कुमार, बलबीर सिंह, सुभाष, रघुबीर, राजेंद्र के अलावा दो दर्जन से अधिक विस्थापितों ने भाग लिया।

-संवाद
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