फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: दो माह बाद फिर शुरू हुआ रेणुका बांध की सुरंगों का निर्माण, 80 लाख हुआ नुकसान

विज्ञापन
विज्ञापन
-वन विभाग की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मिली मंजूरी
विज्ञापन

-910 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगी तीन डायवर्जन सुरंगें


योगेंद्र अग्रवाल
ददाहू (सिरमौर)। बहुप्रतीक्षित रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के तहत डायवर्जन सुरंगों के निर्माण का कार्य करीब दो माह के लंबे अंतराल के बाद दोबारा शुरू हो गया है। वन विभाग की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंगलवार से निर्माण कार्य बहाल कर दिया गया। कार्य दोबारा शुरू होने से परियोजना प्रबंधन ने राहत की सांस ली है, हालांकि दो महीने तक काम ठप रहने के कारण परियोजना को लगभग 80 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 11 मई को वन विभाग ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर सुरंग निर्माण कार्य रुकवा दिया था। कारण यह था कि जिस निजी भूमि पर सुरंग निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई की जानी थी, वह राजस्व रिकॉर्ड में चरान-चरागाह श्रेणी में दर्ज है। ऐसे मामलों में वन (संरक्षण) अधिनियम (एफसीए) के तहत पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होती है।
विज्ञापन

हालांकि परियोजना प्रबंधन प्रभावित भूमि का अधिग्रहण कर चुका था और प्रभावित परिवारों को मुआवजा भी दिया जा चुका था लेकिन वन विभाग की स्वीकृति के अभाव में पेड़ों की कटाई नियमों के विरुद्ध थी। विस्थापितों की शिकायत के बाद वन विभाग ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद परियोजना प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों के साथ पत्राचार कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं। मंजूरी मिलने के बाद अब सुरंग निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया है। हालांकि दो महीने की इस देरी से सुरंग निर्माण की निर्धारित 30 माह की समय-सीमा प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
निर्माण कार्य बंद रहने के दौरान सुरंग निर्माण का जिम्मा संभाल रही कंपनी की भारी मशीनें परियोजना स्थल पर निष्क्रिय खड़ी रहीं। कंपनी ने मशीनों के निष्क्रिय रहने का हर्जाना परियोजना प्रबंधन पर डाला, जिससे प्रबंधन को प्रतिदिन करीब 1.45 लाख रुपये का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर दो माह में यह नुकसान लगभग 80 लाख रुपये तक पहुंच गया।
-
इनसेट-1
910 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगी तीन डायवर्जन सुरंगें
रेणुकाजी बांध परियोजना के प्रथम चरण में गिरि नदी के जल प्रवाह को मोड़ने के लिए लगभग डेढ़-डेढ़ किलोमीटर लंबी तीन डायवर्जन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इन सुरंगों के निर्माण पर 910.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्य का जिम्मा पटेल इंजीनियर प्राइवेट लिमिटेड (पीईपीएल), मुंबई को सौंपा गया है। दो माह तक निर्माण कार्य बंद रहने के कारण कंपनी की मशीनें परियोजना स्थल पर ही निष्क्रिय पड़ी रहीं।
विज्ञापन

-
इनसेट-2
वन विभाग की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं : अनूप शर्मा
रेणुकाजी बांध परियोजना के महाप्रबंधक अनूप शर्मा ने बताया कि दो माह से बंद पड़ा सुरंग निर्माण कार्य अब पुनः शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के साथ समन्वय कर वन विभाग की सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब निर्माण कार्य में किसी प्रकार की रुकावट की संभावना नहीं है और परियोजना के अन्य कार्य भी निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाए जा रहे हैं।-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें