मां-बेटे के मिलन के साक्षी बने हजारों भक्तों के जयकारों के बीच पौराणिक एवं ऐतिहासिक रेणुका मेले का आगाज हुआ। भगवान परशुराम माता रेणुका से मिलने के लिए जैसे ही रेणुका पहुंचेे। ऐतिहासिक रेणुका मंदिर का पूरा परिवेश जयकारों से गूंज उठा।
बुधवार को शुभारंभ अवसर पर गिरि नदी के तट पर सुसज्जित पालकियों में विराजमान भगवान परशुराम के दर्शन के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस कर्मियों को भीड़ पर नियंत्रण पाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
इसके बाद दोपहर को ददाहू से रेणुका तक निकली शोभायात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद भगवान परशुराम की सुसज्जित पालकी ददाहू से रेणुका के लिए रवाना हुई। ढोल नगाड़े और बैंड बाजे की धुन पर निकली इस भव्य शोभा यात्रा में हजारों लोगों ने अपनी हाजिरी भरी। झूमते-नाचते, गाते और मां रेणुका और भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए यह शोभा यात्रा श्री रेणुका जी पहुंची। जहां भव्य देव मिलन देखने के लिए पहले से ही जनसैलाब उमड़ा हुआ था। मां और पुत्र के इस मिलन को देखकर लोग जहां भाव-विभोर हो गए। वहीं, खुशी में झूमते नजर आए।