मांगे पूरी न होने पर मुख्यमंत्री के घेराव का भी ऐलान, उपायुक्त को दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। रेणुका बांध के विस्थापितों ने बांध प्रबंधन और प्रदेश सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए हैं। अपने आरोपों को लेकर रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले विस्थापितों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को नाहन पहुंचा और मांगों को लेकर उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र के जरिये विस्थापितों ने उपायुक्त को बताया कि उनकी मांगों को लेकर न तो बांध प्रबंधन और न ही सरकार गंभीर है। यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह कड़ा कदम उठाने को विवश होंगे।
इससे पूर्व रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय कुमार ने मीडिया को बताया कि बांध स्थापित संबंधी की कई मांगे ऐसी हैं जिन्हें पिछले कई सालों से उठाया जा रहा है। इसके बाद भी विस्थापितों की बांध प्रबंधन और सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। नतीजतन, विस्थापितों को दर-दर भटकना पड़ रहा है और सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि बार-बार बांध प्रबंधन के साथ विस्थापितों की बातचीत होती है मगर बांध विस्थापितों को प्रबंधन की ओर से सिर्फ आश्वासन दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बांध प्रबंधन अभी तक गृह विहीन सभी लोगों की सूची अभी तक जारी नहीं कर पाया है और न ही गृह विहीन कई विस्थापितों की अभी तक अनुदान राशि जारी नहीं हो पाई है। विस्थापितों की जिस जमीन को एक्वायर किया गया है उसकी डीमार्केशन की मांग विस्थापितों की ओर से की जा रही है मगर वह मांग भी पूरी नहीं हो पा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी की कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं निकला तो बांध विस्थापित बड़ी संख्या में राजधानी शिमला पहुंचकर मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक बांध विस्थापितों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक किसी भी सूरत में बांध निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। इस अवसर पर योगेश ठाकुर समेत अन्य विस्थापित मौजूद रहे।
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